बिलासपुर में हाईटेक हुआ ट्रैफिक सिस्टम : IG रामगोपाल गर्ग और SSP रजनेश सिंह ने ITMS का किया औचक निरीक्षण, अफसरों ने खुद जूम कर काटे चालान..

ख़ास बातें :

IG और SSP ने कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से लाइव देखा पूरा सिस्टम..

550 हाईटेक CCTV और ANPR कैमरों से रखी जा रही है शहर पर पैनी नजर..

अधिकारियों ने खुद नंबर प्लेट जूम कर काटे ई-चालान, PA सिस्टम से दी समझाइश..

साइबर सेल और डायल 112 के अमले को किया अलर्ट, जनता की शिकायतों पर त्वरित एक्शन के निर्देश..

बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने, हादसों पर लगाम कसने और नियमों की अनदेखी करने वालों पर नकेल कसने के लिए पुलिस अब पूरी तरह से ‘एक्शन मोड’ में है। बुधवार (15 अप्रैल) को पुलिस महानिरीक्षक (IG) रामगोपाल गर्ग और डीआईजी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रजनेश सिंह ने आईटीएमएस (ITMS), साइबर सेल, पुलिस कंट्रोल रूम और डायल 112 का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान आला अधिकारियों ने सिस्टम की बारीकियों को समझा और खुद कैमरों को जूम कर नियम तोड़ने वालों पर चालानी कार्रवाई की।

550 कैमरों की ‘तीसरी आंख’ से रखी जा रही नजर..

शहर के चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए 550 से अधिक सीसीटीवी और एएनपीआर (ANPR) कैमरे इंस्टॉल किए गए हैं। आईजी और एसएसपी ने कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पहुंचकर इन कैमरों की कार्यप्रणाली का लाइव डेमो देखा। आईटी एक्सपर्ट्स ने बताया कि कैसे एएनपीआर कैमरे नियम तोड़ने वाले वाहनों की नंबर प्लेट को कैप्चर करते हैं और वेरिफिकेशन के बाद सीधे वाहन मालिक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ई-चालान पहुंच जाता है। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में सिस्टम की दक्षता परखने के लिए एक लाइव चालान जनरेट कर नियम तोड़ने वाले के मोबाइल पर भेजा गया।

पीए (PA) सिस्टम से दी गई लाइव समझाइश, दिखा असर..

ट्रैफिक जाम और पीक ऑवर में दबाव (Traffic Congestion) से निपटने के लिए सैटेलाइट आधारित डिजिटल मैपिंग के जरिए विशाल मॉनिटर्स पर शहर का जायजा लिया गया। चौराहों पर लगे 23 पीए (पब्लिक एड्रेस) सिस्टम और 10 एलईडी मॉनिटर्स का बेहतरीन उपयोग करते हुए, अधिकारियों ने कंट्रोल रूम से ही सीधे सड़क पर मौजूद लोगों को ट्रैफिक नियमों का पालन करने की हिदायत दी। कंट्रोल रूम से आवाज गूंजते ही सड़क पर उल्लंघनकर्ता अलर्ट हो गए और तुरंत अपने वाहन व्यवस्थित करते नजर आए।

अधिकारियों ने खुद जूम की नंबर प्लेट, ‘सशक्त एप’ पर जोर..

निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने सिस्टम के एडवांस्ड डिजिटल फीचर्स का खुद इस्तेमाल किया। उन्होंने कैमरे से वाहनों की नंबर प्लेट को जूम कर रीड किया और चालान की प्रक्रिया पूरी की। चोरी के वाहनों की धरपकड़ में आईटीएमएस (ITMS) के शानदार काम की आईजी रामगोपाल गर्ग ने जमकर सराहना की। साथ ही उन्होंने अपने द्वारा निर्मित ‘सशक्त एप’ (Sashakt App) की उपयोगिता पर जोर देते हुए पूरी टीम को निर्देशित किया कि तकनीक और डिजिटल प्रणालियों का अधिकतम उपयोग अपराध नियंत्रण और रोकथाम में किया जाए। इस दौरान सिस्टम में और नए फीचर्स जोड़ने पर भी मंथन हुआ।

साइबर सेल और डायल 112 को सख्त निर्देश..

आईटीएमएस के बाद आईजी और एसएसपी ने साइबर सेल, डायल 112 और पुलिस कंट्रोल रूम का रुख किया। यहां उन्होंने अधिकारियों व कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आम जनता की किसी भी प्रकार की शिकायत पर पूरी संवेदनशीलता दिखाई जाए। रेस्पॉन्स टाइम कम से कम हो और त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे, सीएसपी कोतवाली गगन कुमार, सीएसपी सिविल लाइन निमितेश सिंह, साइबर सेल प्रभारी (टीआई) गोपाल सतपति समेत आईटीटीएमएस और पुलिस महकमे के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। वरिष्ठ अधिकारियों के इस औचक निरीक्षण से पुलिस महकमे में और अधिक चुस्ती देखने को मिल रही है।