ऑनलाइन निगरानी का कड़ा पहरा : खनिज परिवहन में गड़बड़ी पर लगभग पूरी तरह लगाम..

छत्तीसगढ़। राज्य में खनिज परिवहन और भंडारण व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए खनिज विभाग ने ऑनलाइन सिस्टम 2.0 को सख्ती से लागू कर दिया है। इस नई तकनीक के लागू होने के बाद अब अवैध खनिज परिवहन और चोरी की संभावनाएं लगभग खत्म होने का दावा किया जा रहा है।

विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस आधुनिक डिजिटल सिस्टम के जरिए अब खनिज से जुड़े हर पहलू पर रियल टाइम में नजर रखी जा रही है। चाहे खनिज का भंडारण हो या परिवहन – हर गतिविधि पूरी तरह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़ी हुई है।

सबसे खास बात यह है कि अब हर वाहन की मूवमेंट दर्ज हो रही है। वाहन कब निकला, कहां से निकला और कितनी मात्रा में खनिज ले जा रहा है – इन सभी जानकारियों को सिस्टम में दर्ज किया जाता है। इससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या हेरफेर तुरंत पकड़ में आ जाती है।

विभाग ने यह भी साफ कर दिया है कि बिना वैध दस्तावेजों के खनिज परिवहन अब संभव नहीं है। यदि कोई वाहन तय रूट या समय से अलग चलता है, तो सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी करता है और मौके पर ही कार्रवाई की जाती है।

इसके साथ ही, सभी अधिकृत भंडारण स्थलों को भी ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ दिया गया है। इससे स्टॉक की निगरानी आसान और पारदर्शी हो गई है। अवैध भंडारण और कालाबाजारी पर भी इससे प्रभावी रोक लगी है।

अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन सिस्टम 2.0 लागू होने के बाद से अवैध गतिविधियों में काफी कमी आई है और व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत हुई है। विभाग भविष्य में इस सिस्टम को और बेहतर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है, ताकि खनिज संसाधनों का सही और नियंत्रित उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।