

बिलासपुर। संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर 14 अप्रैल को बिलासपुर जिले में लोकतंत्र का जमीनी उत्सव देखने को मिलेगा। जिले की सभी 486 ग्राम पंचायतों में कल विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने सभी जनपद पंचायतों के सीईओ को इसके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस बार की ग्राम सभाओं के लिए प्रशासन ने एक विस्तृत और जन-सरोकार से जुड़ा एजेंडा तय किया है।

ग्राम सभा के प्रमुख एजेंडे : इन बड़े मुद्दों पर होगी चर्चा..
पाई-पाई का हिसाब : पिछली ग्राम सभा में पास हुए प्रस्तावों की ग्राउंड रिपोर्ट ली जाएगी। पंचायतों की आय-व्यय, विकास कार्यों की प्रगति और खर्च की गई राशि का पूरा ब्यौरा जनता के सामने रखा जाएगा।
टैक्स और रिकवरी : पंचायत के कर निर्धारण, वसूली और ऑनलाइन सिस्टम के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा। साथ ही बकाया राशि और कर्मचारियों के पेंडिंग लेखा-जोखा की भी समीक्षा होगी।
आवारा पशुओं के हादसों पर लगाम : राज्य शासन के निर्देशों के अनुरूप, सड़कों पर हादसों का कारण बन रहे आवारा पशुओं की रोकथाम के लिए ग्राम सभा में प्रभावी उपायों पर चर्चा होगी और जन-जागरूकता का संकल्प लिया जाएगा।
अवैध नामांतरण पर सख्ती : गांवों में होने वाले अवैध नामांतरण और जमीन बंटवारे के मामलों पर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया जाएगा।
पंचायतों का रिपोर्ट कार्ड (PIS) : पंचायतों के प्रदर्शन मूल्यांकन के अंक (PIS Score) ग्राम सभा में सार्वजनिक किए जाएंगे, ताकि पंचायत के कामों में पारदर्शिता आए और जवाबदेही तय हो सके।
बुनियादी सुविधाओं से लेकर ‘पेसा’ कानून पर फोकस..
एजेंडे में गांवों की साफ-सफाई, पीने का पानी, प्रकाश व्यवस्था जैसी बुनियादी सुविधाएं भी प्रमुखता से शामिल हैं। इसके अलावा :
जरूरतमंदों को बांटे गए राशन की जानकारी दी जाएगी।
जन्म-मृत्यु और विवाह पंजीयन की स्थिति परखी जाएगी।
गांव की संपत्तियों, बाजारों, पट्टों की समीक्षा और तालाबों के प्रबंधन पर बात होगी।
अनुसूचित क्षेत्रों की पंचायतों में ‘पेसा नियम 2022’ के प्रावधानों की विशेष जानकारी दी जाएगी।
‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ को लेकर भी ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा।
कलेक्टर के सख्त निर्देश : जन सहभागिता हो सुनिश्चित..

कलेक्टर संजय अग्रवाल ने सभी जनपद सीईओ को निर्देशित किया है कि ग्राम सभाओं का आयोजन तय समय पर, सुव्यवस्थित और प्रभावी ढंग से किया जाए। प्रशासन का मुख्य फोकस इस बात पर है कि ग्राम सभाओं में अधिक से अधिक ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके, जिससे गांव के विकास से जुड़े अहम फैसलों में जनता की सीधी हिस्सेदारी हो।



