पर्यटन रिसॉर्ट में चीतल के शिकार का मामला : पका मांस बरामद, मैनेजर समेत 5 कर्मचारी गिरफ्तार..

बिलासपुर (छत्तीसगढ़)। जिले के कोटा क्षेत्र के बेलगहना वन परिक्षेत्र अंतर्गत कुरदर स्थित एक निजी एथनिक रिसॉर्ट में चीतल के शिकार और उसके मांस पकाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। वन विभाग की टीम ने छापेमारी कर रिसॉर्ट के किचन से संदिग्ध मांस बरामद किया है और मैनेजर सहित पांच कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है।

वन विभाग को शुक्रवार को गुप्त सूचना मिली थी कि रिसॉर्ट में चीतल का शिकार कर उसका मांस पकाया जा रहा है। सूचना मिलते ही डीएफओ के निर्देश पर कोटा एसडीओ के नेतृत्व में टीम गठित की गई और मौके पर दबिश दी गई।

किचन में पक रहा था मांस..

छापेमारी के दौरान टीम ने रिसॉर्ट के किचन में कड़ाही में मांस पकते हुए पाया। प्राथमिक जांच में यह सामने आया कि यह मांस रिसॉर्ट के मैनेजर और कर्मचारियों के लिए तैयार किया जा रहा था। रिसॉर्ट में लगभग 8 से 10 कर्मचारी कार्यरत बताए जा रहे हैं।

एक-दूसरे पर डाल रहे आरोप..

पूछताछ के दौरान मैनेजर और अन्य कर्मचारियों ने मांस की जानकारी से अनभिज्ञता जताते हुए दोष कुक पर डाल दिया। वहीं कुक रामकुमार टोप्पो ने बताया कि उसे गांव के जनक बैगा द्वारा पत्ते में लाकर मांस दिया गया था और उसे यह नहीं पता कि वह किस जानवर का मांस है।

6 आरोपी गिरफ्तार..

वन विभाग ने वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9, 39 (उपधारा 1, 2, 3), 44, 50 एवं 51 के उल्लंघन के प्रकरण में 06 आरोपियों को गिरफ्तार किया हैं।

रामकुमार टोप्पो, पिता धनेश्वर टोप्पो, उम्र 39 वर्ष, जाति उरांव, निवासी केंवची,जनक राम बैगा, पिता अमर सिंह, उम्र 30 वर्ष, जाति बैगा, निवासी कुरदर,देवसिंह बैगा, पिता बजरु, उम्र 45 वर्ष, जाति बैगा, निवासी कुरदर,राजेश बैगा, पिता देवसिंह, उम्र 30 वर्ष, जाति बैगा, निवासी कुरदर,लखन सिंह, पिता सुकरु राम, उम्र 26 वर्ष, जाति बैगा, निवासी कुरदर,रजनीश सिंह, पिता स्व. मुक्तेश्वर सिंह, उम्र 32 वर्ष, जाति राजपूत, निवासी महमूदपुर बढेरी, थाना बरसठी, तहसील मढ़ियाहू, जिला जौनपुर (उ.प्र.)

उक्त सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, बिलासपुर के न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें 14 दिवस की न्यायिक अभिरक्षा में केंद्रीय जेल भेजा गया।

लैब जांच के लिए भेजा गया मांस..

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जब्त मांस को परीक्षण के लिए लैब भेजा जाएगा, जिससे यह पुष्टि हो सके कि वह चीतल का मांस है या नहीं। फिलहाल चीतल के अन्य अवशेष बरामद नहीं हो सके हैं।

वन विभाग पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है और अन्य संभावित आरोपियों की भी तलाश जारी है।

इस संयुक्त कार्यवाही में वन विभाग बेलगहना के परिक्षेत्र सहायक शिवकुमार पैकरा, बी.एफ.ओ. संतकुमार वाकरे, पंकज साहू, सोमप्रकाश जयसिंधु, सावन यादव तथा वन विकास निगम के रेंजर रवि जगत, डिप्टी रेंजर अरविंद बंजारे एवं नंदकिशोर सिंह का विशेष योगदान रहा।