एयू में हंगामा : एनएसयूआई ने कुलसचिव हटाने की मांग तेज की, सुरक्षा और रिजल्ट गड़बड़ी पर उठे गंभीर सवाल..

बिलासपुर। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय (एयू) में अव्यवस्थाओं और हालिया हिंसक घटना को लेकर छात्रों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के प्रदेश सचिव रंजेश सिंह के नेतृत्व में छात्र नेताओं ने कुलपति को नारियल भेंट कर कुलसचिव को पद से हटाने की मांग की और विभिन्न मुद्दों को लेकर विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में 4 मई 2026 को विश्वविद्यालय में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान हुई चाकूबाजी और मारपीट की घटना को प्रमुखता से उठाया गया। इस घटना में एक कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके हाथ में 14 टांके लगे।

एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि इतने बड़े कार्यक्रम के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्थानीय थाने को सूचना तक नहीं दी, जो सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक है। संगठन का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस व्यवस्था होती तो इस तरह की घटना टाली जा सकती थी।

रंजेश सिंह ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर दोहरे रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि छात्र नेताओं के आगमन की सूचना पर तत्काल पुलिस बुला ली जाती है, लेकिन बड़े आयोजनों में सुरक्षा की अनदेखी की जाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है।

छात्रहित की अनदेखी का आरोप..

एनएसयूआई ने कुलसचिव के कार्यकाल को ‘तानाशाहीपूर्ण’ बताते हुए आरोप लगाया कि पिछले आठ महीनों में छात्रों के हित में कोई ठोस कार्य नहीं हुआ। माइक्रोबायोलॉजी प्रथम वर्ष के छात्रों को कक्षाओं के लिए पर्याप्त कमरे तक उपलब्ध नहीं हैं और वे हॉल में बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। छात्र नेताओं का यह भी आरोप है कि समस्याएं लेकर पहुंचने पर कुलसचिव उनसे मिलने से इंकार करते हैं और उल्टा कार्रवाई की धमकी देते हैं।

रिजल्ट गड़बड़ी से बढ़ी परेशानी..

ज्ञापन में परीक्षा परिणामों में लगातार हो रही त्रुटियों को भी गंभीर मुद्दा बताया गया है। छात्रों का कहना है कि बार-बार रिजल्ट में गड़बड़ी से उनका शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो रहा है और उन्हें मानसिक तनाव झेलना पड़ रहा है। पुनर्मूल्यांकन और पुनर्गणना प्रक्रिया को भी छात्रों ने महंगा और जटिल बताते हुए सवाल उठाए। उनका कहना है कि जब गलती विश्वविद्यालय की होती है तो छात्रों से शुल्क क्यों लिया जाता है।

संवादहीनता से बढ़ा असंतोष..

छात्र संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की शिकायतों का समय पर समाधान नहीं कर रहा, जिससे असंतोष बढ़ता जा रहा है।

कुलसचिव पर छात्रों और छात्र प्रतिनिधियों से संवाद नहीं करने का आरोप भी लगाया गया, जिसके कारण विश्वविद्यालय में संवादहीनता की स्थिति बन गई है।

जांच और कार्रवाई की मांग, आंदोलन की चेतावनी..

एनएसयूआई ने कुलपति से मांग की है कि सांस्कृतिक कार्यक्रम में हुई घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही कुलसचिव के कार्यों की समीक्षा कर उन्हें पद से हटाने की कार्रवाई की जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो छात्र उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।

ज्ञापन सौंपने के दौरान पुष्पराज साहू, करन यादव, प्रदीप सिंह, राजा खान, मनेन्द्र, आशीष यादव, विजय पटेल, सुनील श्रीवास, राज कोशले, प्रशांत पाल, पुष्पराज राजपूत, सुमित मानिकपुरी, विनीत कौशिक सहित बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे।