दो आदतन बदमाश समेत तीन महिलाओं पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश पर सभी जेल भेजे गए..

बिलासपुर। शहर में अपराध पर अंकुश लगाने और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए तोरवा पुलिस ने एक बार फिर सख्ती दिखाई है। पुलिस ने देर रात संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रहे दो आदतन बदमाशों समेत तीन महिलाओं के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। पुलिस ने सभी को सिटी मजिस्ट्रेट न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, 18 अगस्त 2026 की दरमियानी रात तोरवा पुलिस की टीम क्षेत्र में पेट्रोलिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोग संदिग्ध अवस्था में घूम रहे हैं और किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने की तैयारी में हो सकते हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और संदिग्धों से पूछताछ शुरू की।
पूछताछ में गोलमोल जवाब, रिकॉर्ड खंगाला तो सामने आया आपराधिक इतिहास..
पुलिस ने संदिग्धों से उनका नाम-पता पूछा। पूछताछ के दौरान दोनों युवक पुलिस को संतोषजनक जवाब नहीं दे सके और गोलमोल बातें करने लगे। इसके बाद पुलिस ने उनके नाम-पते की तस्दीक करते हुए आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला। जांच में सामने आया कि रितेश पांडेय के खिलाफ अलग-अलग मामलों में कुल 8 अपराध दर्ज हैं। वहीं दूसरे आरोपी धीरज रजक के खिलाफ भी 2 प्रकरण दर्ज होना पाया गया। पुलिस ने दोनों को आदतन बदमाश मानते हुए आगे की कार्रवाई शुरू की।
तीन महिलाओं के खिलाफ भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई..
पुलिस ने मौके पर मिली तीन महिलाओं के खिलाफ भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों और अपराध की आशंका को देखते हुए सभी के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने सभी पांचों को सिटी मजिस्ट्रेट न्यायालय के समक्ष पेश किया। न्यायालय के आदेश के बाद सभी को जेल भेज दिया गया।
इन आरोपियों पर हुई कार्रवाई..
1.रितेश पांडेय, पिता भोला प्रसाद पांडेय, उम्र 33 वर्ष, निवासी मुनिबाबा गली, जबड़ापारा, सरकंडा।
2.धीरज रजक, पिता संजय रजक, उम्र 23 वर्ष, निवासी डीएलएस कॉलेज के पीछे, बगदाई मंदिर के पास, सरकंडा, बिलासपुर।
3.तीन महिलाएं – इनके विरुद्ध भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई।
अपराध रोकने पुलिस की लगातार पेट्रोलिंग..
तोरवा पुलिस की यह कार्रवाई शहर में संदिग्ध गतिविधियों पर पुलिस की लगातार नजर का हिस्सा है। पुलिस का कहना है कि रात के समय पेट्रोलिंग बढ़ाने के साथ संदिग्ध लोगों की पहचान और उनके आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। आदतन बदमाशों तथा असामाजिक तत्वों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि किसी संभावित अपराध को वारदात में बदलने से पहले ही रोका जा सके।
पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में असामाजिक गतिविधियों में शामिल लोगों के बीच सख्त संदेश गया है कि संदिग्ध गतिविधियों पर पुलिस की नजर है और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।







