
परिजनों का आरोप – भर्ती से पहले पूरी जानकारी नहीं दी गई, अतिरिक्त रकम नहीं देने पर एफआईआर की धमकी देने की बात कही; पुलिस दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही..

बिलासपुर। सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित यूनिटी हॉस्पिटल में इलाज के बाद सामने आया भुगतान को लेकर विवाद अब पुलिस जांच तक पहुंच गया है। कवर्धा निवासी मनीष पाण्डेय के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज और भर्ती से पहले पूरी जानकारी नहीं देने तथा तय रकम से अधिक भुगतान मांगने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि इलाज करीब 2 लाख रुपये में होने की बात तय हुई थी, लेकिन उपचार के बाद अस्पताल की ओर से करीब 2.60 लाख रुपये का बिल बताया गया। इसी अतिरिक्त भुगतान को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बनी।
देखें वीडियो..
परिजनों के मुताबिक मनीष पाण्डेय के इलाज के लिए अस्पताल से बातचीत के दौरान करीब 2 लाख रुपये खर्च होने की जानकारी दी गई थी। इसी आधार पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार पूरा होने के बाद जब बिल की राशि सामने आई तो उसमें करीब 60 हजार रुपये की अतिरिक्त रकम जुड़ने को लेकर परिजनों ने आपत्ति जताई। उनका कहना है कि भर्ती के समय उन्हें इलाज की संभावित पूरी लागत और अतिरिक्त खर्चों की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई थी।
अतिरिक्त भुगतान को लेकर बढ़ा विवाद.. देखें वीडियो..
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से अतिरिक्त रकम जमा करने के लिए कहा गया। रकम को लेकर सहमति नहीं बनने पर विवाद बढ़ गया। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि अतिरिक्त भुगतान नहीं करने की स्थिति में एफआईआर कराने की बात कही गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
पुलिस ने दोनों पक्षों से मांगी जानकारी.. देखें वीडियो..
विवाद की सूचना मिलने के बाद सिविल लाइन पुलिस ने मामले में दोनों पक्षों से पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस अस्पताल में भर्ती से संबंधित दस्तावेज, उपचार का रिकॉर्ड, बिल और भुगतान से जुड़े कागजात की जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि इलाज शुरू होने से पहले कितनी रकम पर सहमति बनी थी और बाद में बिल में अतिरिक्त राशि किन मदों में जोड़ी गई।
दस्तावेजों से साफ होगी विवाद की तस्वीर..
मामले में फिलहाल दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे हैं। इसलिए पुलिस जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इलाज की अनुमानित या तय राशि क्या थी और अंतिम बिल में अतिरिक्त रकम किस आधार पर जोड़ी गई। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।







