
32वीं जूनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रदेश के 11 खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा, आलिया अख्तर ने जीता रजत; चंचल साहू और आनव कुमार सिंह को कांस्य..

बिलासपुर। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में आयोजित 32वीं जूनियर थांग-ता राष्ट्रीय प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश की झोली में तीन पदक डाले। 28 से 30 सितंबर तक आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर के 22 राज्यों के करीब 450 से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। कड़े मुकाबले के बीच छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने अलग-अलग स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और तीन पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया।
प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की ओर से 11 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। प्रदेश दल का नेतृत्व छत्तीसगढ़ थांग-ता संघ के सचिव घनश्याम सिंह ने किया। खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही बेहतर प्रदर्शन करते हुए विभिन्न वर्गों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। इनमें तीन खिलाड़ियों ने पदक जीतने में सफलता हासिल की।
आलिया ने रजत, दो खिलाड़ियों ने कांस्य जीता..
महिला वर्ग की अनिशुबा स्पर्धा में छत्तीसगढ़ की आलिया अख्तर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किया। वहीं पुरुष वर्ग में चंचल साहू ने कांस्य पदक अपने नाम किया। इसके अलावा फूनाबा आमा स्पर्धा में आनव कुमार सिंह ने कांस्य पदक जीतकर प्रदेश के खाते में तीसरा पदक जोड़ा।
राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में पदक जीतना खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। सीमित संसाधनों के बीच लगातार अभ्यास और मेहनत कर रहे खिलाड़ियों को राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला, जिसका उन्होंने बेहतर प्रदर्शन के साथ लाभ उठाया।
22 राज्यों के खिलाड़ियों के बीच हुआ मुकाबला..
थांग-ता फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता में देश के अलग-अलग राज्यों से खिलाड़ी पहुंचे थे। करीब 450 से अधिक खिलाड़ियों की मौजूदगी के कारण विभिन्न वर्गों में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। ऐसे में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों का तीन पदक हासिल करना प्रदेश के लिए उत्साहजनक उपलब्धि रही।
कोच और टीम ऑफिशियल की भी रही भूमिका..
छत्तीसगढ़ की टीम के साथ टीम कोच अभिनव पाण्डेय रहे। वहीं सूरज साहू ने टीम ऑफिशियल की जिम्मेदारी संभाली। खिलाड़ियों की तैयारी, प्रतियोगिता के दौरान मार्गदर्शन और टीम प्रबंधन में दोनों की भूमिका रही। पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के साथ पूरे दल के प्रदर्शन को प्रदेश के थांग-ता खेल के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।







