

एनएसयूआई ने कुलपति को सौंपा ज्ञापन, फर्जी तरीके से दूसरे स्थान पर कॉलेज संचालन की जांच की मांग..

बिलासपुर।अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय से संबद्ध शांति निकेतन कॉलेज बिलासपुर पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय के कुलपति को ज्ञापन सौंपकर कॉलेज के खिलाफ निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि कॉलेज को जिस स्थान और परिसर के लिए मान्यता मिली है, उसी मान्यता और कॉलेज कोड का उपयोग कर सिरगिट्टी स्थित एक स्कूल परिसर में भी कॉलेज का संचालन किया जा रहा है।


ज्ञापन में कहा गया है कि यदि किसी महाविद्यालय को एक निश्चित पते और परिसर के लिए विश्वविद्यालय एवं शासन से मान्यता प्राप्त हुई है, तो उसी कॉलेज कोड के आधार पर दूसरे स्थान पर संचालन करना नियमों के खिलाफ है। इससे छात्रों और अभिभावकों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है तथा शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
एनएसयूआई नेता नूर मोहम्मद (राजा) ने आरोप लगाते हुए कहा कि कॉलेज पहले से ही कई बुनियादी सुविधाओं की कमी के बावजूद संचालित हो रहा है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं, खेल मैदान का अभाव है और प्राप्त जानकारी के अनुसार नियमित प्राचार्य तक नियुक्त नहीं है। इसके बावजूद कॉलेज में नई भर्ती और प्रवेश प्रक्रिया जारी है।
उन्होंने कहा कि अब उसी मान्यता का उपयोग कर दूसरे स्थान पर भी कॉलेज संचालन किया जाना छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।

ज्ञापन में प्रमुख रूप से निम्न मांगें रखी गईं –
एक ही कॉलेज कोड का अलग-अलग परिसरों में उपयोग किए जाने की जांच की जाए।
कॉलेज की मान्यता, संबद्धता, भूमि एवं भवन संबंधी दस्तावेजों की विस्तृत जांच कराई जाए।
जांच पूरी होने तक नई भर्ती और प्रवेश प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए।
दोषी पाए जाने पर कॉलेज की मान्यता समाप्त कर संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
नूर मोहम्मद ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जल्द और कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो एनएसयूआई विश्वविद्यालय का घेराव कर आंदोलन करेगी। साथ ही फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग भी उठाई जाएगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान नूर मोहम्मद, मनेंद्र अनंत, आशीष यादव, राज कोशले और प्रिंस मानिकपुरी मौजूद रहे।



