

बिलासपुर। प्रदेश सरकार जहां ‘सुशासन तिहार’ के माध्यम से अपनी योजनाओं और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने का दावा कर रही है, वहीं बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों की नाराजगी खुलकर सामने आई। ग्राम नगोई में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया और जिला प्रशासन के अधिकारियों को 15 सूत्रीय मांग पत्र सौंपकर तत्काल समाधान की मांग की।


प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक प्रत्याशी विजय केशरवानी ने किया। उनके साथ ब्लॉक कांग्रेस पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, किसान, महिला समूहों की सदस्याएं तथा विभिन्न गांवों के ग्रामीण उपस्थित रहे।प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शासन की कई योजनाएं धरातल पर अपेक्षित परिणाम नहीं दे पा रही हैं और आम जनता आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करने को मजबूर है।
पेयजल संकट बना सबसे बड़ा मुद्दा..
ग्रामीणों ने बताया कि भीषण गर्मी के बीच कई गांवों में पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है। करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई पानी टंकियां और नल-जल योजनाएं कई स्थानों पर या तो बंद पड़ी हैं या फिर उनका संचालन नियमित नहीं हो पा रहा है। इसके कारण महिलाओं और बच्चों को कई किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन और अन्य योजनाओं के तहत किए गए कार्यों का लाभ लोगों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पा रहा है। कई गांवों में पाइपलाइन बिछने के बावजूद घरों तक नियमित जल आपूर्ति नहीं हो रही है।
खाद-बीज की कमी से परेशान किसान..
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने कृषि संबंधी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। किसानों का कहना है कि खरीफ सीजन शुरू होने के बावजूद खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता नहीं है। सहकारी समितियों और वितरण केंद्रों में किसानों को घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। कई किसानों को जरूरत के अनुसार खाद नहीं मिल रही, जिससे खेती प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।किसानों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते खाद-बीज की व्यवस्था नहीं की गई तो इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा और किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा।
बिजली व्यवस्था पर भी उठे सवाल..
ग्रामीणों ने क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी जताई।उनका कहना है कि लगातार बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या से घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ किसान भी परेशान हैं। कई गांवों में घंटों बिजली गुल रहने से पेयजल आपूर्ति और सिंचाई कार्य प्रभावित हो रहे हैं। लोगों ने मांग की कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को नियमित किया जाए तथा खराब ट्रांसफार्मरों को तत्काल बदला जाए।
जर्जर सड़कें बनी परेशानी का कारण..
ग्रामीणों ने क्षेत्र की सड़कों की खराब स्थिति को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि कई प्रमुख संपर्क मार्ग गड्ढों में तब्दील हो चुके हैं, जिससे आवागमन में परेशानी हो रही है। बरसात के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है तथा कई गांवों का संपर्क प्रभावित हो जाता है।ग्रामीणों ने मांग की कि लंबे समय से लंबित सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
15 सूत्रीय मांग पत्र में उठाए गए प्रमुख मुद्दे..
प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को शामिल किया गया।
इनमें प्रमुख रूप से सभी गांवों में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना।
बंद पड़ी पानी टंकियों और नल-जल योजनाओं को चालू करना।
नहरों और सिंचाई सुविधाओं का पुनर्निर्माण एवं विस्तार।
किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज उपलब्ध कराना।
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था सुधारना।
जर्जर सड़कों का निर्माण एवं मरम्मत।
स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार।
प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजनाओं के लंबित प्रकरणों का निराकरण।
अवैध उत्खनन पर रोक।
भू-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई।
ग्रामीण विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना।
युवाओं के लिए रोजगार एवं कौशल विकास योजनाओं का विस्तार।
सहित अन्य जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।
‘जनता सुविधाओं के लिए भटक रही, सरकार सुशासन का दावा कर रही’
सभा को संबोधित करते हुए विजय केशरवानी ने कहा कि बेलतरा क्षेत्र की जनता आज भी पानी, सड़क, बिजली और कृषि संबंधी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के विकास और सुशासन के दावे जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं दे रहे हैं।


उन्होंने कहा कि यदि गांव की पानी टंकियां खाली हों, किसान खाद के लिए दर-दर भटक रहा हो, सड़कें जर्जर हों और लोग अपनी समस्याओं को लेकर प्रशासन के सामने प्रदर्शन करने को मजबूर हों, तो ऐसे में सुशासन के दावों पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो कांग्रेस ग्रामीणों के साथ मिलकर चरणबद्ध और व्यापक आंदोलन करेगी।
कार्रवाई की मांग..
कार्यक्रम के अंत में प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि ज्ञापन में शामिल सभी मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई की जाए और क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेकर जल्द राहत प्रदान की जाएगी।

सुशासन तिहार के मंच पर उठे इन सवालों ने एक बार फिर बेलतरा क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति और ग्रामीणों की अपेक्षाओं को केंद्र में ला दिया है।



