छत्तीसगढ़ हर्बल को देशभर के बाजार तक पहुंचाने की तैयारी, Biofach India में वनोपज संघ ने तलाशे नए अवसर..

एमडी संजीता गुप्ता ने नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर में किया अंतरराष्ट्रीय एक्सपो का विजिट, राष्ट्रीय कंपनियों के उत्पादों का लिया जायजा; हर्बल उत्पादों के अपग्रेडेशन और दूसरे राज्यों में बिक्री पर हुई चर्चा..

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक संसाधनों और वन आधारित उत्पादों को देश के बड़े बाजार से जोड़ने की दिशा में राज्य वनोपज संघ ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। Biofach India 2026 के तहत नोएडा स्थित India Expo Center में आयोजित अंतरराष्ट्रीय एक्सपो में छत्तीसगढ़ राज्य वनोपज संघ की प्रबंध संचालक श्रीमती संजीता गुप्ता ने 8 अगस्त को विजिट किया। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ हर्बल के उत्पादों को देश के अन्य राज्यों में पहुंचाने और उनकी बाजार क्षमता बढ़ाने को लेकर विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों से चर्चा की।

एक्सपो में छत्तीसगढ़ हर्बल के उत्पादों के विस्तार, गुणवत्ता में सुधार और उन्हें आधुनिक बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप अपग्रेड करने पर विशेष जोर दिया गया। एमडी संजीता गुप्ता ने विभिन्न राष्ट्रीय कंपनियों के स्टॉल का अवलोकन कर उनके उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग, प्रस्तुतीकरण और बाजार में उपलब्धता से संबंधित पहलुओं की जानकारी ली। इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ हर्बल के उत्पादों को भी प्रतिस्पर्धी बाजार के अनुरूप और अधिक आकर्षक एवं उपयोगी बनाना है।

दूसरे राज्यों में बिक्री बढ़ाने पर फोकस..

विजिट के दौरान छत्तीसगढ़ हर्बल के उत्पादों को दूसरे राज्यों के बाजारों में उपलब्ध कराने को लेकर भी चर्चा हुई। राज्य में वन क्षेत्रों से प्राप्त प्राकृतिक और हर्बल उत्पादों को बेहतर ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग के माध्यम से बड़े बाजार तक पहुंचाने की संभावनाओं पर विचार किया गया।

अधिकारियों का मानना है कि छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्रों से प्राप्त प्राकृतिक उत्पादों में देशभर में बाजार बनाने की पर्याप्त संभावनाएं हैं। यदि उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और प्रस्तुतीकरण को बाजार की मांग के अनुरूप विकसित किया जाए तो छत्तीसगढ़ हर्बल को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल सकती है।

15 राज्यों की 75 से अधिक संस्थाओं ने लगाई प्रदर्शनी..

Biofach India 2026 में देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में संस्थाओं और कंपनियों ने हिस्सा लिया। आयोजन में 15 राज्यों की 75 से अधिक संस्थाओं ने अपने उत्पादों और नवाचारों का प्रदर्शन किया। एक्सपो में हर्बल, प्राकृतिक एवं जैविक उत्पादों से जुड़े विभिन्न उत्पादों को प्रदर्शित किया गया, जिससे छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल को देश के अन्य राज्यों में हो रहे नवाचारों और बाजार की बदलती मांग को समझने का अवसर मिला।

छत्तीसगढ़ राज्य वनोपज संघ की ओर से इस विजिट को राज्य के हर्बल एवं वनोपज आधारित उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एक्सपो के माध्यम से विभिन्न कंपनियों की कार्यप्रणाली, उत्पाद विकास और आधुनिक बाजार की जरूरतों को समझने का अवसर भी मिला।

वनोपज से रोजगार और आय के नए अवसरों की उम्मीद..

छत्तीसगढ़ वन संपदा से समृद्ध राज्य है। यहां बड़ी संख्या में वनवासी और ग्रामीण परिवार प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से वनोपज पर निर्भर हैं। ऐसे में वनोपज आधारित उत्पादों की मांग और बाजार का विस्तार होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के अवसर भी बढ़ सकते हैं।

इस अवसर पर DFO कुमार निशांत, DFO सागर जाधव, मैनेजर सुश्री अनुराधा स्वर्णकार, मार्ट बिलासपुर के सीनियर एग्जीक्यूटिव संजय चौबे सहित मार्ट बिलासपुर के कर्मचारियों ने भी एक्सपो में सहभागिता की।

प्रतिनिधिमंडल ने एक्सपो में प्रदर्शित उत्पादों और तकनीकों का अवलोकन करते हुए यह समझने का प्रयास किया कि छत्तीसगढ़ हर्बल के उत्पादों को किस तरह आधुनिक बाजार की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जा सकता है। आने वाले समय में इस तरह के प्रयासों से छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक एवं हर्बल उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने और उनके बाजार का विस्तार होने की उम्मीद है।