

बिलासपुर। रात का अंधेरा, सुनसान सड़क और अचानक आंखों में डाली गई लाल मिर्च… ये किसी फिल्मी मर्डर सीन का हिस्सा नहीं, बल्कि बिलासपुर के निकट कोटा के पथर्रा गांव में हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड की खौफनाक हकीकत है। शहर के एक बार में बाउंसर का काम करने वाले 27 वर्षीय निखिल गोस्वामी को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया। हत्या की वजह? एक ऐसी शंका जिसने एक इंसान की जान ले ली

अमने मोड़ पर मौत से सामना..
कहानी बीती रात की है। निखिल अपने दो दोस्तों के साथ कोटा थाना क्षेत्र के अमने मोड़ के पास बैठा था। तभी तीन-चार युवक बाइक पर सवार होकर वहां पहुंचे। बाउंसर निखिल ने उनमें से एक चेहरे को पहचान लिया और उसे बेखौफ आवाज लगाई। उसे नहीं पता था कि यह आवाज उसकी जिंदगी की आखिरी पुकार होगी। आवाज लगाते ही दोनों पक्षों में तीखी बहस छिड़ गई और मामला खूनी खेल में बदल गया।
आंखों में मिर्ची डाल सर पत्थर से कुचला..

विवाद बढ़ते ही मुख्य आरोपी भोला मानिकपुरी और उसके साथियों ने अपनी योजना के तहत निखिल की आंखों पर लाल मिर्च डाल दी। जो बाउंसर बड़े-बड़े पहलवानो और हुड़दंग करने वालों को अकेले संभालता था, वह मिर्च की तेज जलन से तड़प उठा। इस खौफनाक मंजर को देख उसके साथी जान बचाकर भाग खड़े हुए। निखिल अब अकेला था। अंधेरे और जलन से जूझते निखिल पर आरोपियों ने भारी पत्थरों से ताबड़तोड़ वार किए और उसे मौत के मुहाने तक पहुंचा दिया..
अस्पताल में टूटी सांसों की डोर..
हमलावर उसे अधमरा छोड़कर मौके से फरार हो गए। आसपास के लोगों की मदद से खून में नहाये निखिल को आनन-फानन में लोकल अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन हालत बेहद नाजुक होने पर उसे सिम्स अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन मौत अपना खेल खेल चुकी थी। इलाज के दौरान आखिरकार निखिल ने दम तोड़ दिया।
चरित्र शंका से खूनी इंतकाम तक..

पुलिस तफ्तीश और परिजनों के बयानों में हत्या की इनसाइड स्टोरी चौंकाने वाली है। आरोपी भोला मानिकपुरी को शक था कि उसकी पत्नी और निखिल के बीच अवैध रिश्ते हैं। इसी चरित्र शंका की आग में भोला ने इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर फरार भोला समेत अन्य आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस प्रेम प्रसंग और पुरानी रंजिश के एंगल से मामले की तफ्तीश कर रही है।



