बिलासपुर।मुआवजा हासिल करने के लिए सांप काटने से मौत की फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने के मामले में पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने सिम्स (SIMS) में पदस्थ रहीं महिला डॉक्टर डॉ. प्रियंका सोनी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी डॉक्टर को न्यायालय के सामने पेश किया, जहां से कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। आरोप है कि डॉक्टर ने दो अलग-अलग मामलों में मौत का कारण फर्जी तरीके से स्नेक बाइट बताया था, ताकि सरकारी पैसा निकाला जा सके।

यह पूरा मामला तब सामने आया जब तहसील कार्यालय के नायब नाजीर ने इस संबंध में शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने महमंद के रहने वाले निसार खान और लता सूर्यवंशी की मौत की फाइलों को दोबारा खोला और जांच शुरू की। पुलिस की जांच में यह बात निकलकर आई कि इन दोनों शवों का पोस्टमार्टम सिम्स की डॉ. प्रियंका सोनी द्वारा ही किया गया था।
डॉक्टर ने जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनाई थी, उसमें मृत्यु की वजह स्नेक बाइट (सांप का काटना) बताई गई थी। लेकिन जब पुलिस ने इन रिपोर्टों की बारीकी से जांच की, तो ये पूरी तरह से संदिग्ध पाई गईं। पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट फर्जी होने के सबूत मिले। इसके बाद पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ कानूनी कदम उठाया। सरकारी मुआवजा पाने के लालच में रचे गए इस पूरे षड्यंत्र में डॉक्टर की भूमिका सामने आने के बाद यह गिरफ्तारी हुई है।
फर्जीवाड़ा करके शासन से मुआवजा लेने के इस खेल में डॉक्टर अकेली नहीं हैं। पुलिस इससे पहले भी इस मामले में एक्शन ले चुकी है। मृतकों के परिजनों और एक वकील सहित कुल तीन आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वकील और परिजनों ने मिलकर फर्जी रिपोर्ट के आधार पर मुआवजे का दावा किया था, जिसमें डॉक्टर ने फर्जी रिपोर्ट बनाकर उनका साथ दिया था।
जिले में स्नेक बाइट से मौत दर्शाकर मुआवजा लेने का यह कोई इकलौता मामला नहीं है। पुलिस के अनुसार, जिले में ऐसे 15 अन्य मामलों की भी पुलिस जांच कर रही है। इस जांच के दायरे में सिम्स के कुछ अन्य डॉक्टर भी आ चुके हैं। पुलिस की टीम इन डॉक्टरों से भी पूछताछ कर रही है।
आने वाले समय में इस मामले में कई और लोगों पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। पुलिस का कहना है कि इन 15 मामलों की जांच पूरी होने के बाद, इसमें शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल पुलिस सिम्स के डॉक्टरों और इस पूरे नेटवर्क में शामिल लोगों की जानकारी खंगालने में लगी हुई है।







