शांति के लिए एकजुट हुआ बिलासपुर, सड़कों पर दिखी सामाजिक एकता..

कलेक्टर-एसएसपी के नेतृत्व में निकला शांति मार्च, सभी समाजों ने मिलकर दिया भाईचारे और सद्भाव का संदेश..

बिलासपुर, 3 सितंबर 2026। शहर में शांति, सद्भाव और आपसी भाईचारे को मजबूत करने के लिए गुरुवार को बिलासपुर की सड़कों पर सामाजिक एकता की तस्वीर देखने को मिली। कलेक्टर संजय अग्रवाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के नेतृत्व में आयोजित शांति मार्च में विभिन्न समाजों और समुदायों के प्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। नेहरू चौक से शुरू हुआ यह मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए गांधी चौक पहुंचकर संपन्न हुआ। इस दौरान लोगों ने एकजुट होकर साफ संदेश दिया कि बिलासपुर की पहचान शांति, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव से है और इसे हर हाल में कायम रखा जाएगा।

शांति मार्च में शांति समिति के सदस्यों, विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों, गणमान्य नागरिकों, मीडिया प्रतिनिधियों और प्रशासन-पुलिस के अधिकारियों व कर्मचारियों ने सहभागिता की। मार्च के दौरान लोगों ने आपसी एकता बनाए रखने, अफवाहों से दूर रहने और शहर के शांतिपूर्ण माहौल को मजबूत करने की अपील की।

अफवाहों पर ध्यान नहीं दें, जिम्मेदारी से पेश आएं : कलेक्टर

कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि बिलासपुर की पहचान हमेशा से शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारे वाले शहर के रूप में रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना पर विश्वास न करें और बिना पुष्टि के ऐसी जानकारी को आगे प्रसारित भी न करें।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के दौर में किसी भी अपुष्ट जानकारी के तेजी से फैलने की संभावना रहती है। ऐसे में नागरिकों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शहर की सुरक्षा और शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सजग है।

कानून हाथ में न लें, पुलिस-प्रशासन को दें सूचना : एसएसपी..

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने कहा कि शहर में शांति और सामान्य स्थिति बनाए रखने में नागरिकों, विभिन्न समाजों और मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि किसी भी अफवाह, विवाद या संदिग्ध स्थिति की जानकारी मिलने पर लोग खुद कार्रवाई करने के बजाय तत्काल पुलिस या प्रशासन को सूचना दें।

एसएसपी ने कहा कि शांति व्यवस्था केवल पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग और नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। आपसी सहयोग, संयम और जिम्मेदारी के साथ ही शहर के शांतिपूर्ण माहौल को मजबूत बनाया जा सकता है।

सभी वर्गों ने कहा – बिलासपुर की पहचान भाईचारे से..

शांति मार्च में शामिल विभिन्न समाजों और समुदायों के प्रतिनिधियों ने कहा कि बिलासपुर सभी वर्गों के लोगों का शहर है। यहां अलग-अलग समुदायों के लोग लंबे समय से आपसी भाईचारे और सद्भाव के साथ रहते आए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी घटना या अफवाह को सामाजिक एकता पर हावी नहीं होने दिया जाएगा।

प्रतिनिधियों ने प्रशासन और पुलिस को भरोसा दिलाया कि शहर में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए वे हरसंभव सहयोग करेंगे। नागरिकों ने भी एकजुट होकर यह संदेश दिया कि बिलासपुर की सामाजिक एकता उसकी सबसे बड़ी ताकत है।

शांति समिति की बैठक के बाद निकाला गया मार्च..

हालिया घटनाक्रम के मद्देनजर शहर में शांति और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के उद्देश्य से शांति समिति की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में विभिन्न समाजों और समुदायों के प्रतिनिधियों ने प्रशासन एवं पुलिस के साथ मिलकर शहर का माहौल शांतिपूर्ण बनाए रखने पर सहमति जताई थी। इसी क्रम में 3 सितंबर को शांति मार्च निकालने का निर्णय लिया गया था।

गुरुवार को निकले मार्च में जिस तरह सभी वर्गों की सहभागिता दिखाई दी, उसने शहर की सामाजिक एकता का मजबूत संदेश दिया। मार्च के जरिए लोगों ने यह भी संदेश दिया कि किसी भी चुनौती का सामना आपसी सहयोग, संयम और भाईचारे के साथ किया जा सकता है।

प्रशासन-पुलिस की अपील : शांति बनाए रखने में निभाएं अपनी भूमिका..

प्रशासन और पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी भ्रामक सूचना को आगे बढ़ाने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि करें। सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली आपत्तिजनक या भड़काऊ सामग्री से दूर रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें।

अधिकारियों ने कहा कि शहर का शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने में आम नागरिकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। सभी के सहयोग से बिलासपुर में शांति, सद्भाव और भाईचारे की परंपरा को और मजबूत किया जा सकता है।

शांति मार्च में नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल, विभिन्न समाजों एवं समुदायों के प्रमुख, शांति समिति के सदस्य, मीडिया प्रतिनिधि, बड़ी संख्या में नागरिक तथा प्रशासन और पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।