कांकेर में रिहायशी इलाकों तक पहुंच रहे भालू, घर में घुसे दो भालू कैमरे में कैद.. देखें वीडियो..

अलबेलापारा वार्ड में रात के अंधेरे में घर में घुसे, कुत्तों के झुंड ने घेरा तो भागे ; रोजाना दस्तक से लोगों में दहशत..

कांकेर। कांकेर शहर के रिहायशी इलाकों में इन दिनों भालुओं की लगातार आवाजाही ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अलबेलापारा वार्ड में भालुओं की मौजूदगी का ताजा मामला सामने आया है, जहां रात के समय दो भालू एक घर में घुस गए। घर से बाहर निकलते समय दोनों भालू सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए। वीडियो सामने आने के बाद वार्ड के लोगों में दहशत का माहौल है।

बताया जा रहा है कि घटना 11 अगस्त की रात करीब 3.30 बजे की है। सीसीटीवी फुटेज में दो भालू घर का मुख्य गेट पार करते हुए बाहर निकलते दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान आसपास मौजूद कुत्तों का झुंड दोनों भालुओं को घेर लेता है। कुत्तों से घिरने के बाद दोनों भालू वहां से तेजी से भाग निकलते हैं।

रात होते ही घरों के आसपास मंडराने लगे भालू..

स्थानीय लोगों के अनुसार अलबेलापारा वार्ड में पिछले कुछ दिनों से भालुओं की आवाजाही लगातार बनी हुई है। बताया जा रहा है कि भालू रात के समय रिहायशी क्षेत्र में पहुंचकर घरों और आसपास के स्थानों में तोड़फोड़ कर रहे हैं तथा खाने की तलाश में इधर-उधर घूमते रहते हैं। इससे लोगों को रात के समय घर से बाहर निकलने में भी डर लग रहा है।

सबसे बड़ी चिंता यह है कि भालू अब जंगल और आबादी के बीच की दूरी को पार कर सीधे घरों और रिहायशी इलाकों तक पहुंच रहे हैं। रात में इनके अचानक सामने आने की आशंका से स्थानीय लोग बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर भी चिंतित हैं।

सीसीटीवी फुटेज ने बढ़ाई चिंता.. देखें वीडियो..

भालुओं की गतिविधियों का सीसीटीवी में कैद होना इस बात का संकेत है कि वन्यजीवों की आवाजाही अब आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि भालुओं की नियमित निगरानी नहीं की गई तो किसी दिन अप्रिय स्थिति पैदा हो सकती है।

लोगों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने, भालुओं की गतिविधियों पर नजर रखने और रिहायशी इलाके में उनकी लगातार आवाजाही को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। साथ ही लोगों से रात के समय अकेले बाहर नहीं निकलने और भालुओं के दिखाई देने पर उनके करीब जाने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना देने की अपील की जा रही है।

लगातार बढ़ती आवाजाही से सवाल यह है कि आखिर जंगल में रहने वाले भालू आबादी के बीच क्यों पहुंच रहे हैं और इस समस्या का स्थायी समाधान कब होगा? स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम उठाना जरूरी है, ताकि इंसान और वन्यजीव दोनों सुरक्षित रह सकें।