जैतपुरी में 60-70 लोगों के दोबारा वन क्षेत्र में घुसने का आरोप, 19 चिह्नांकित आरोपियों पर नया वन्यप्राणी अपराध दर्ज..

USTR ने जुटाए फोटो-वीडियो, ड्रोन फुटेज और गवाहों के बयान; 126 अग्रिम और 40 नियमित जमानत को चुनौती देने की तैयारी..
गरियाबंद। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व (USTR) के जैतपुरी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के बाद दोबारा वन क्षेत्र में प्रवेश और अतिक्रमण की कोशिश का मामला अब आरोपियों के लिए कानूनी मुश्किलें बढ़ा सकता है। टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों को पूर्व के अतिक्रमण मामले में जमानत मिली थी, यदि वे जमानत की शर्तों का उल्लंघन करते हुए दोबारा वन अपराध में शामिल पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ नए अपराध दर्ज करने के साथ ही पुरानी जमानत को भी निरस्त कराने के लिए न्यायालय में चुनौती दी जाएगी।
दरअसल, जैतपुरी अतिक्रमण प्रकरण में वन भूमि पर अवैध कब्जे और वन एवं वन्यजीव आवास को नुकसान पहुंचाने के आरोप में 166 लोगों के खिलाफ POR क्रमांक 15/10, 15/11, 15/12 और 15/13 दर्ज किए गए थे। इनमें से 126 आरोपियों को माननीय उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत मिली थी, जबकि गिरफ्तार किए गए 40 आरोपियों को न्यायालय से नियमित जमानत का लाभ मिला था। उच्च न्यायालय के 10 जुलाई 2026 के आदेश में जमानत की शर्तों के तहत आरोपियों को भविष्य में इसी प्रकार का अपराध नहीं करने के निर्देश दिए गए थे।
18 अगस्त को फिर पहुंचा बड़ा समूह..
USTR के अनुसार, अतिक्रमण हटाकर पुनर्स्थापित किए गए वन क्षेत्र में 18 अगस्त को करीब 60 से 70 लोगों के दोबारा पहुंचने की जानकारी सामने आई। आरोप है कि इस दौरान वन क्षेत्र में फिर से अतिक्रमण करने और वन्यजीवों के प्राकृतिक रहवास को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया। मामले में USTR ने वन्यप्राणी अपराध प्रकरण क्रमांक 15/16 और 15/17 दर्ज करने के साथ लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की है।


कार्रवाई के दौरान ग्राम जैतपुरी निवासी परमेश वट्टी को मौके पर पकड़े जाने की बात USTR ने कही है। प्रबंधन के मुताबिक मौके की फोटो और वीडियोग्राफी कराई गई तथा वन अपराध में इस्तेमाल किए जाने वाले औजार और हथियार भी जब्त किए गए हैं। घटना के संबंध में मौजूद चश्मदीद गवाहों और कोटवार के बयान दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा ड्रोन फुटेज समेत अन्य तकनीकी साक्ष्य भी जुटाए गए हैं।
19 आरोपियों की पहचान, अब नए केस के साथ पुरानी जमानत पर भी नजर..
USTR का कहना है कि मौके से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर दोबारा अतिक्रमण के प्रयास में शामिल लोगों की पहचान की गई है। इनमें से 19 चिह्नांकित आरोपियों के खिलाफ नवीन वन्यप्राणी अपराध प्रकरण दर्ज किए जाने की कार्रवाई की गई है।
अब टाइगर रिजर्व प्रबंधन की नजर उन आरोपियों की पुरानी जमानत पर भी है, जिन्हें पूर्व के अतिक्रमण प्रकरण में न्यायालय से राहत मिली थी। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर USTR 126 आरोपियों को मिली अग्रिम जमानत और पूर्व में गिरफ्तार 40 आरोपियों को मिली नियमित जमानत को चुनौती देने की तैयारी कर रहा है।
प्रबंधन न्यायालय के समक्ष पूर्व में किए गए अतिक्रमण, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, वन क्षेत्र के पुनर्स्थापन तथा जमानत मिलने के बाद दोबारा किए गए कथित अतिक्रमण और नुकसान से जुड़े साक्ष्य प्रस्तुत करेगा।
अतिक्रमण हटाना ही नहीं, अब दोबारा कब्जे पर भी नजर..
टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने साफ किया है कि वन क्षेत्र से अतिक्रमण हटाना कार्रवाई का अंतिम चरण नहीं है। अतिक्रमण हटाकर जिस क्षेत्र को दोबारा जंगल के रूप में विकसित किया गया है, वहां दोबारा प्रवेश, खेती, निर्माण अथवा वनस्पति हटाने की कोशिश को गंभीरता से लिया जाएगा।
USTR के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति पुनर्स्थापित वन क्षेत्र में दोबारा प्रवेश कर वन्यजीव आवास को प्रभावित करता है तो उसके खिलाफ नया वन्यप्राणी अपराध प्रकरण दर्ज किया जाएगा। साथ ही, यदि वह व्यक्ति पहले से किसी मामले में जमानत पर है तो उसकी जमानत निरस्त कराने की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
ड्रोन और जियो-रेफरेंस्ड साक्ष्यों से होगी निगरानी..
दोबारा अतिक्रमण रोकने के लिए USTR ने निगरानी और साक्ष्य संकलन की व्यवस्था मजबूत करने की बात कही है। क्षेत्र में स्थल निरीक्षण, फोटो-वीडियोग्राफी, जियो-रेफरेंस्ड साक्ष्य और ड्रोन जैसे तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसका उद्देश्य वन क्षेत्र में होने वाले किसी भी नए उल्लंघन का प्रमाण सुरक्षित रखना और जरूरत पड़ने पर उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना है।
USTR ने स्पष्ट संदेश दिया है कि पुनर्स्थापित वन्यजीव आवास में दोबारा अतिक्रमण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रबंधन का कहना है कि वन क्षेत्र को दोबारा नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ नए अपराध के साथ पूर्व मामलों में मिली जमानत को चुनौती देने की कार्रवाई भी की जाएगी।







