

उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में रात के गश्त के दौरान कार्रवाई, पहले भी कर चुके थे अवैध कटाई..

गरियाबंद/धमतरी। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों के रहवास को नुकसान पहुंचाने और अवैध लकड़ी तस्करी के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी हाथियों के प्राकृतिक आवास को नष्ट कर अवैध कटाई और लकड़ी परिवहन में लगे हुए थे, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका भी बढ़ रही थी।

वन विभाग को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर 11 अप्रैल 2026 की रात सीतानदी अभयारण्य के रिसगांव परिक्षेत्र के जोरातराई परिसर में गश्त के दौरान टीम ने कार्रवाई की। इस दौरान आरोपियों को बिना अनुमति जंगल में घुसकर साजा और अन्य मिश्रित प्रजाति के पेड़ों की कटाई करते हुए पकड़ा गया। आरोपी कटे हुए लकड़ी को ट्रैक्टर-ट्रॉली में लोड कर अवैध परिवहन की तैयारी में थे।
गिरफ्तार आरोपियों में भुनेश्वर नेताम, द्वारिका प्रसाद ध्रुव और धनंजय नाग शामिल हैं, जो धमतरी जिले के आमाबहार गांव के निवासी हैं। मौके से एक ट्रैक्टर-ट्रॉली, लगभग 1.50 चट्टा जलाऊ लकड़ी और 0.153 घन मीटर साजा इमारती लकड़ी जब्त की गई।
वन अधिकारियों के अनुसार, आरोपी पहले भी इसी क्षेत्र में अवैध कटाई और लकड़ी परिवहन में संलिप्त रहे हैं। दिसंबर 2025 में भी इनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, लेकिन इसके बावजूद ये फिर से अपराध को अंजाम देने की कोशिश कर रहे थे।

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 और भारतीय वन अधिनियम 1927 की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी नगरी की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने तीनों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जिसके बाद उन्हें जिला जेल धमतरी में दाखिल किया गया।
इस पूरी कार्रवाई में वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की अहम भूमिका रही। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के संरक्षण और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।



