

बिलासपुर जिले के सीपत इलाके में जमीन कब्जाने की नीयत से एक गुंडे ने ऐसा आतंक मचाया कि एक व्यक्ति को अपनी जान गवानी पड़ी। बिलासपुर में गुंडों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि वे गरीब लोगों पर जुल्म ढाने से बिल्कुल नहीं हिचक रहे हैं। आरोपी ने एक परिवार का घर खाली कराने के लिए गाली गलौज और मारपीट की सारी हदें पार कर दीं। रोज रोज की प्रताड़ना और धमकियों से तंग आकर फरहदा गांव के कनक पटेल ने जहर पी लिया। इलाज के दौरान सिम्स अस्पताल में उसकी मौत हो गई। अब सीपत पुलिस ने इस दबंग आरोपी बलराम यादव को गिरफ्तार कर जेल की हवा खाने भेज दिया है।

यह पूरा मामला सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम फरहदा के बजरंग चौक का है। मृतक कनक पटेल अपनी पत्नी परमेश्वरी पटेल के साथ कई सालों से सरकारी जमीन पर घर बनाकर रह रहा था। अचानक इसी जमीन पर पड़ोस में रहने वाले दबंग बलराम यादव की गिद्ध जैसी नजर पड़ गई। बलराम एक दिन रामकली यादव नाम की एक बुजुर्ग महिला को मोहरा बनाकर कनक के घर पहुंच गया। वह धौंस जमाने लगा कि यह जमीन और घर रामकली का है।
इसके बाद उसने कनक और उसकी पत्नी को तुरंत घर खाली कर वहां से चले जाने का फरमान सुना दिया। जब परिवार ने अपनी बरसों पुरानी जगह छोड़ने से मना किया तो आरोपी उनके घर में जबरन घुस गया। उसने गंदी गंदी गालियां दीं और बेदम मारपीट शुरू कर दी। आरोपी ने खुलेआम जान से मारने की धमकी देकर उनका जीना मुहाल कर दिया। इस लगातार होने वाली मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना ने कनक पटेल को अंदर तक तोड़ दिया।
दहशत और हताशा में आकर कनक ने उनतीस मई को कीटनाशक पी लिया। हालत बिगड़ने पर उसे सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां तीस मई को उसने तड़प तड़प कर दम तोड़ दिया। पत्नी की शिकायत पर सीपत पुलिस ने पहले केस दर्ज किया था। कनक की मौत के बाद पुलिस ने सख्ती दिखाई और मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा जोड़ दी।
इस दर्दनाक घटना के बाद से ही आरोपी बलराम यादव दुम दबाकर भाग निकला था। वह गनियारी इलाके में जाकर छिपा बैठा था।सीपत पुलिस और एसीसीयू की टीम ने घेराबंदी कर उसे धर दबोचा। दूसरों का घर छीनने का सपना देखने वाला यह गुंडा अब खुद जेल की काल कोठरी में अपने किए की सजा भुगत रहा है।



