फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर युवक को बदनाम करने वाली युवती गिरफ्तार..

खुद ही भेजती थी अश्लील और धमकी भरे मैसेज, फिर पुलिस में दर्ज कराई शिकायत..

साइबर जांच में खुला राज, डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर बिलासपुर पुलिस की कार्रवाई..

बिलासपुर। सोशल मीडिया के जरिए बदनाम करने और झूठी शिकायत दर्ज कराने के एक सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए बिलासपुर पुलिस ने एक युवती को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि युवती ने अपने परिचित युवक के नाम से फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाई और उसी आईडी से अश्लील तथा धमकीपूर्ण संदेश भेजकर उसे बदनाम करने की कोशिश की। इतना ही नहीं, बाद में उन्हीं संदेशों के स्क्रीनशॉट लेकर पुलिस में शिकायत भी दर्ज करा दी। थाना तोरवा पुलिस ने तकनीकी जांच और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले का खुलासा करते हुए आरोपी युवती को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

युवक के नाम से बनाई फर्जी इंस्टाग्राम आईडी..

पुलिस के अनुसार तिफरा निवासी संजय रात्रे ने 15 मई 2026 को थाना तोरवा में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके नाम से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी बनाकर अश्लील और धमकी भरे संदेश भेजे जा रहे हैं। युवक ने आरोप लगाया था कि इससे उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।

साइबर जांच में सामने आया बड़ा खुलासा..

जांच के दौरान पुलिस ने सोशल मीडिया अकाउंट डिटेल, डिजिटल ट्रेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। साइबर जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि युवक के नाम से संचालित फर्जी इंस्टाग्राम आईडी का संचालन कोई और नहीं बल्कि प्रीति सूर्यवंशी नाम की युवती कर रही थी। पुलिस जांच में पता चला कि युवती ने युवक के नाम का इस्तेमाल कर फर्जी प्रोफाइल बनाई और उसी के माध्यम से अश्लील संदेश एवं आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित की।

खुद को ही भेजती थी मैसेज..

मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि आरोपी युवती ने पहले खुद ही फर्जी आईडी बनाकर अपने मोबाइल पर अश्लील और ब्लैकमेलिंग वाले संदेश भेजे। इसके बाद उन्हीं संदेशों के स्क्रीनशॉट लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी कि उसे इंस्टाग्राम के जरिए ब्लैकमेल किया जा रहा है।

पुलिस के अनुसार युवती ने 1 जनवरी 2026 को थाना तोरवा में शिकायत दर्ज कराई थी कि संजय रात्रे के नाम से संचालित इंस्टाग्राम आईडी से उसे अश्लील फोटो और धमकी भरे संदेश भेजे जा रहे हैं।लेकिन तकनीकी जांच में यह स्पष्ट हो गया कि जिस इंस्टाग्राम अकाउंट की शिकायत की गई थी, उसका संचालन स्वयं शिकायतकर्ता युवती ही कर रही थी।

प्रेम संबंध और विवाद का एंगल..

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि संजय रात्रे और प्रीति सूर्यवंशी पहले एक-दूसरे के परिचित थे और दोनों के बीच प्रेम संबंध भी रहे थे। प्रारंभिक जांच के अनुसार संबंधों में विवाद के बाद युवक को बदनाम करने के उद्देश्य से फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल तैयार की गई।डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर यह भी पता चला कि आरोपी युवती ने योजनाबद्ध तरीके से भ्रामक परिस्थितियां तैयार कर युवक के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश की।

तकनीकी साक्ष्यों से पुलिस ने खोला पूरा मामला..

थाना तोरवा पुलिस ने साइबर तकनीक और डिजिटल ट्रैकिंग की मदद से पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने 21 जून 2026 को आरोपी युवती को गिरफ्तार कर लिया।पुलिस ने बताया कि मामले में अन्य तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है तथा विस्तृत विवेचना जारी है।

सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर पुलिस की चेतावनी..

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल कर किसी को बदनाम करना गंभीर अपराध है। फर्जी आईडी बनाना, अश्लील सामग्री फैलाना और झूठी शिकायत दर्ज कराना कानूनन दंडनीय है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।