बिल्हा विकासखंड के 4100 बच्चों ने सैनिकों को भेजा स्नेह का रक्षा-सूत्र, रक्षाबंधन पर सीमाओं तक पहुंचेगा सम्मान का संदेश..

‘ऑपरेशन सिपाही रक्षा-सूत्र अभियान’ के तहत विद्यार्थियों ने खुद बनाई राखियां, लिखे भावनात्मक संदेश ; 15 अगस्त तक जारी रहेगा अभियान..

बिलासपुर। रक्षाबंधन का पर्व इस बार बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड के हजारों विद्यार्थियों के लिए देशभक्ति और सैनिकों के प्रति सम्मान का संदेश लेकर आया है। भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, छत्तीसगढ़ द्वारा संचालित ‘ऑपरेशन सिपाही रक्षा-सूत्र अभियान’ के तहत विकासखंड बिल्हा के विभिन्न शासकीय एवं निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों ने देश की सीमाओं पर तैनात वीर जवानों के लिए 4100 राखियां और शुभकामना संदेश तैयार कर भेजे हैं। इन रक्षा-सूत्रों के साथ बच्चों ने अपने हाथों से लिखे संदेश भी संलग्न किए हैं, जिनमें सैनिकों के प्रति सम्मान, आभार, स्नेह और सुरक्षित रहने की कामना व्यक्त की गई है।

अभियान का उद्देश्य केवल रक्षाबंधन मनाना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को राष्ट्रभक्ति, सेवा और कर्तव्यबोध से जोड़ना है। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ स्वयं राखियां बनाईं और उनमें अपने मन की भावनाएं लिखीं। ये सभी राखियां और संदेश भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के माध्यम से देश की सीमाओं पर तैनात सैनिकों तक पहुंचाए जाएंगे।

कार्यक्रम में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, छत्तीसगढ़ के सहायक राज्य आयुक्त (स्काउट) राजेश सौंथालिया, बिलासपुर के जिला मुख्य आयुक्त राजेंद्र साहू तथा जिला संगठन आयुक्त (गाइड) डॉ. पूनम सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र कौशिक, सहायक खंड शिक्षा अधिकारी दीप्ति गुप्ता तथा मुकेश अग्रवाल ने विकासखंड के विभिन्न विद्यालयों से एकत्रित राखियां और शुभकामना संदेश भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के प्रतिनिधियों को सौंपे। अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान 15 अगस्त तक जारी रहेगा और इस दौरान अन्य विद्यालयों से भी रक्षा-सूत्र एकत्र किए जाएंगे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिथियों ने कहा कि देश के सैनिक विषम परिस्थितियों में सीमा पर रहकर राष्ट्र की सुरक्षा करते हैं। ऐसे में रक्षाबंधन पर बच्चों द्वारा भेजी गई राखियां उनके प्रति पूरे समाज के सम्मान और विश्वास का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभियान विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन, सेवा, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करते हैं। यही संस्कार भविष्य में उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं।

विद्यार्थियों की ओर से भेजे गए संदेशों में लिखा गया, रक्षाबंधन के पावन पर्व पर देश के वीर सैनिकों को हार्दिक शुभकामनाएँ। यह रक्षा-सूत्र हमारे विश्वास, सम्मान और आभार का प्रतीक है। आप सदैव सुरक्षित रहें, स्वस्थ रहें तथा माँ भारती की सेवा में सदैव विजयी रहें। पूरा देश आपके साथ है। इन संदेशों में बच्चों की मासूम भावनाओं के साथ सैनिकों के प्रति गहरा सम्मान भी झलकता है।

विकासखंड शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र कौशिक ने अभियान में भाग लेने वाले सभी विद्यालयों, शिक्षकों और विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की राष्ट्र के प्रति भावनात्मक प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में राष्ट्रीय चेतना, मानवीय संवेदनाएं और सामाजिक मूल्यों का विकास करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम में प्राचार्य अलका गांगुली, बीआरसी देवी प्रसाद चंद्राकर, सुनील पाण्डेय, वीरेन्द्र अजित कुजूर, राकेश शुक्ला, कौस्तुभ पांडे, देवनारायण यादव, राम द्विवेदी, योगेंद्र वर्मा, विकास साहू, संतोष त्रिपाठी, जिला प्रशिक्षण आयुक्त (स्काउट) देवव्रत मिश्रा, एएलटी (स्काउट) कौशल्या साहू, अशोक क्षत्री, सूर्या केवट, प्रदीप जयसवाल, सौरभ मजुमदार, धर्मेंद्र राजपूत, रश्मि महेश यादव सहित भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के पदाधिकारी, शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।

रक्षाबंधन के अवसर पर शुरू हुआ यह अभियान यह संदेश देता है कि सीमाओं पर देश की रक्षा कर रहे सैनिक अकेले नहीं हैं। देश के बच्चे भी अपने प्रेम, विश्वास और सम्मान के धागे से उनसे जुड़े हैं।आयोजकों ने विश्वास जताया कि विद्यार्थियों के हाथों से तैयार किए गए रक्षा-सूत्र और शुभकामना संदेश जब सैनिकों तक पहुंचेंगे, तो उनका मनोबल और मजबूत होगा तथा उन्हें यह एहसास होगा कि पूरा देश उनके त्याग और समर्पण का सम्मान करता है।