भोदर में रात 2 से 3 बजे वन अमले की घेराबंदी; चंदन जैसी दिखने वाली कत्थे की लकड़ी होने की आशंका, रेंजर की गश्त व्यवस्था पर भी उठे सवाल..

वाड्रफनगर/बलरामपुर। वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र के ग्राम पंचायत रूपपुर अंतर्गत भोदर में वन विभाग की टीम ने अवैध लकड़ी परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लकड़ी से भरा एक ट्रक पकड़ा है। खास बात यह है कि हाथियों के झुंड की निगरानी के दौरान रात करीब 2 से 3 बजे हाथी मित्र दल की नजर संदिग्ध ट्रक पर पड़ी। टीम ने घेराबंदी की तो चालक ट्रक मौके पर छोड़कर फरार हो गया। वन अमले ने वाहन को जब्त कर वाड्रफनगर वन विभाग कार्यालय पहुंचाया है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ट्रक में बड़ी मात्रा में ऐसी लकड़ी लदी मिली है, जो देखने में चंदन जैसी प्रतीत हो रही है। वन विभाग के अनुसार यह कत्थे की लकड़ी होने की आशंका है। हालांकि लकड़ी की वास्तविक प्रजाति, मात्रा और उसके परिवहन की वैधता की पुष्टि जांच और नाप-जोख पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
वन विभाग की घेराबंदी देख भागा चालक..
बताया गया कि वन विभाग को क्षेत्र में हाथियों के दल होने की सूचना मिली थी। जिसके बाद डीएफओ बलरामपुर ने हाथी मित्र दल की भोदर क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई गई। इसी दौरान हाथी मित्र दल को रात्रि गश्त करते हुए संदिग्ध ट्रक दिखा। टीम ने वाहन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वन अमले को देखते ही चालक ट्रक छोड़कर मौके से फरार हो गया।
इसके बाद कर्मचारियों ने ट्रक को अपने कब्जे में लेकर उसकी तलाशी ली और वाहन को विभागीय कार्यालय ले जाया गया। अब लकड़ी की नाप-जोख, गिनती और प्रजाति की पहचान के साथ वाहन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
कहां से आई लकड़ी, कहां हो रही थी सप्लाई?
वन विभाग की जांच का मुख्य बिंदु यह है कि ट्रक में लदी लकड़ी आखिर कहां से लाई गई थी और इसे कहां ले जाया जा रहा था। यदि लकड़ी के संबंध में वैध दस्तावेज नहीं मिले तो मामला अवैध परिवहन और वन अपराध से जुड़ सकता है।

चालक के फरार होने के कारण मामले की जांच अब वाहन के दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। वन विभाग यह भी पता लगाने में जुटा है कि कहीं इसके पीछे कोई बड़ा लकड़ी तस्करी नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।
हाथी निगरानी दल ने पकड़ा ट्रक, गश्त व्यवस्था पर उठे सवाल..
इस कार्रवाई ने वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र की नियमित गश्त और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि जिस समय ट्रक पकड़ा गया, उस समय हाथियों के झुंड की निगरानी के लिए हाथी मित्र दल क्षेत्र में सक्रिय था। इसी दौरान संदिग्ध वाहन पर नजर पड़ी और कार्रवाई की गई।
स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि रात के समय हाथियों की निगरानी करने वाला दल संदिग्ध वाहन को पकड़ सकता है, तो वन क्षेत्र में नियमित गश्त और अवैध गतिविधियों की निगरानी कितनी प्रभावी है। हालांकि इस संबंध में वन विभाग के अधिकारियों का पक्ष और वास्तविक गश्त की स्थिति सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
रेंजर की भूमिका को लेकर भी चर्चा, जांच से खुलेगा सच..
स्थानीय सूत्रों के हवाले से क्षेत्र में नियमित गश्त को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र में नियमित गश्त नहीं होने के कारण अवैध लकड़ी परिवहन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इस पूरे मामले में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जब्त ट्रक और लकड़ी के खिलाफ वन विभाग आगे क्या कार्रवाई करता है। क्या वाहन को राजसात करने की कार्रवाई की जाएगी? लकड़ी की वास्तविक प्रजाति और मात्रा कितनी निकलती है? और क्या इस कार्रवाई के जरिए लकड़ी तस्करी से जुड़े किसी बड़े नेटवर्क तक विभाग पहुंच पाएगा। इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।

फिलहाल वन विभाग की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में लकड़ी तस्करी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। यदि जांच में अवैध कटाई और परिवहन की पुष्टि होती है, तो इस कार्रवाई से जुड़े आगे के खुलासे महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
डीएफओ बलरामपुर ने बताया कि भोदर में लकड़ी से भरा ट्रक जब्त किया गया है। चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। लकड़ी की प्रजाति, मात्रा और वैध दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच में अवैध परिवहन की पुष्टि होने पर वन अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वाहन के दस्तावेजों के आधार पर चालक और संबंधित लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।







