छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर कार्रवाई, 8 आरोपी गिरफ्तार; नशे और वन्यजीव तस्करी के संभावित गठजोड़ की जांच तेज..

रायपुर/गरियाबंद। छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा से लगे वन क्षेत्रों में नारकोटिक्स और वन्यजीव तस्करी के खिलाफ तीन दिनों में तीन बड़ी कार्रवाई की गई। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व (USTR), डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (MP-CG), मलकानगिरी वन प्रभाग और सुकमा वन प्रभाग की संयुक्त कार्रवाई में करीब 79 किलोग्राम संदिग्ध नारकोटिक पदार्थ, 1.47 किलोग्राम पैंगोलिन स्केल, तीन मोटरसाइकिल, एक स्कूटी और छह मोबाइल फोन जब्त किए गए। कार्रवाई में ओडिशा के नवरंगपुर और मलकानगिरी क्षेत्रों से कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पूरे ऑपरेशन की शुरुआत 10 सितंबर की सुबह उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के बोराई वन जांच चौकी से हुई। नियमित निगरानी और गश्त के दौरान वन अमले ने एक मोटरसाइकिल को रोका। उस पर दो लोग सवार थे और उनके पास एक बड़ा बैग था। मोटरसाइकिल ओडिशा के नवरंगपुर की ओर से सीतानदी रेंज के कोर क्षेत्र में अनधिकृत रूप से प्रवेश करती मिली।


इसके बाद बिरनासिल्ली वन जांच चौकी पर वैरिकेडिंग कर जांच की गई। यहां एक बैग बरामद हुआ, जिसमें करीब 31 किलो संदिग्ध नारकोटिक पदार्थ/वन उपज और एक मोबाइल फोन मिला। दोनों संदिग्ध मोटरसाइकिल समेत मौके से फरार हो गए। जब्त सामग्री को आगे की जांच और एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई के लिए धमतरी पुलिस को सौंप दिया गया।
नवरंगपुर तक पहुंची जांच..
जब्त सामग्री और डिजिटल साक्ष्यों की प्रारंभिक जांच में संदिग्धों की आवाजाही नवरंगपुर जिले के रायघर क्षेत्र से उत्तर प्रदेश की ओर होने के संकेत मिले। इसके बाद 11 सितंबर को DRI और USTR की टीम ने नवरंगपुर जिले के धांध्रा और मंत्री क्षेत्र में फॉलो-अप कार्रवाई की।


इस दौरान प्रह्लाद हरिजन और बिमल कुमार माझी नामक दो संदिग्धों को करीब 48 किलो संदिग्ध नारकोटिक पदार्थ और एक स्कूटी के साथ पकड़ा गया। कार्रवाई में USTR की डॉग स्क्वाड और ड्रोन टीम को भी लगाया गया। पूछताछ और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क की गतिविधियों को लेकर आगे के सुराग मिलने की बात कही गई है।
नारकोटिक्स के बाद पैंगोलिन तस्करी का सुराग..
जांच के दौरान मिले इनपुट के आधार पर टीम ने मलकानगिरी वन प्रभाग और सुकमा वन प्रभाग के साथ मिलकर मलकानगिरी जिले के गोविंदपल्ली क्षेत्र में कार्रवाई की। यहां तीन लोगों को हिरासत में लेकर करीब 1.47 किलो पैंगोलिन स्केल, तीन मोटरसाइकिल और पांच मोबाइल फोन जब्त किए गए।
इसके बाद पूछताछ और फॉलो-अप सर्च के आधार पर पैंगोलिन तस्करी में कथित रूप से शामिल तीन अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया। इस मामले में वन्यजीव अपराध प्रकरण OR No. 72 of 2026-27 दर्ज किया गया है।
नशे और वन्यजीव तस्करी के संभावित नेटवर्क की जांच..
तीन दिनों में सामने आए घटनाक्रम ने जांच एजेंसियों का ध्यान एक संभावित अंतरराज्यीय अपराध नेटवर्क की ओर खींचा है। USTR के कोर क्षेत्र में संदिग्ध नारकोटिक्स की आवाजाही, नवरंगपुर में बड़ी मात्रा में संदिग्ध नारकोटिक्स की जब्ती और इसके बाद मलकानगिरी में पैंगोलिन स्केल की बरामदगी के बीच संभावित संबंधों की जांच की जा रही है।
जांच में नारकोटिक्स और वन्यजीव तस्करी के बीच संभावित कनेक्शन या अवैध वस्तुओं के आदान-प्रदान (बार्टर ट्रेड) की संभावना को भी शामिल किया गया है। हालांकि, अधिकारियों के अनुसार इस तरह के किसी संबंध की पुष्टि के लिए आगे की जांच और ठोस साक्ष्यों का सत्यापन जरूरी है।
वन मार्गों को तस्करी का रास्ता नहीं बनने देंगे..
USTR ने स्पष्ट किया है कि टाइगर रिजर्व के वन्यजीव कॉरिडोर और वन मार्गों का इस्तेमाल वन्यजीव या नारकोटिक्स तस्करी के लिए नहीं होने दिया जाएगा। एजेंसियां छत्तीसगढ़, ओडिशा और महाराष्ट्र से जुड़े क्षेत्र में सक्रिय संभावित अंतरराज्यीय नेटवर्क की पहचान करने के लिए आपसी समन्वय से कार्रवाई जारी रखेंगी।

अधिकारियों के मुताबिक इस पूरे ऑपरेशन में खुफिया जानकारी साझा करने, वन जांच चौकियों पर निगरानी, ड्रोन और डॉग स्क्वाड, डिजिटल साक्ष्यों तथा पूछताछ की अहम भूमिका रही। जांच एजेंसियां अब तस्करी के संभावित मार्गों, उससे जुड़े लोगों और दोनों तरह की तस्करी के बीच किसी वास्तविक कनेक्शन की पड़ताल कर रही हैं।







