ऑटो से सामान उतारने को लेकर शुरू हुआ विवाद सड़क तक पहुंचा, सीसीटीवी में कैद हुई झूमाझटकी; महिला ने पति और ससुराल पक्ष पर लगाए गंभीर आरोप..

बिलासपुर। पारिवारिक विवाद गुरुवार दोपहर कलेक्टोरेट के मुख्य द्वार के सामने सड़क पर पहुंच गया। यहां ननद और भाभी के बीच ऑटो से सामान उतारने की बात को लेकर विवाद शुरू हुआ और देखते ही देखते दोनों के बीच हाथापाई होने लगी। दोनों महिलाओं के बीच हुई झूमाझटकी का घटनाक्रम आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया। अब घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा क्षेत्र की रहने वाली एक युवती ने बिलासपुर के सकरी-परसदा निवासी युवक से प्रेम विवाह किया था। विवाह के बाद दंपती के दो बच्चे हुए। महिला का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद पति और ससुराल पक्ष के साथ पारिवारिक विवाद शुरू हो गया। विवाद बढ़ने के बाद उसे कथित तौर पर ससुराल से अलग होना पड़ा।
बच्चों की जिम्मेदारी को लेकर परेशान होने का दावा..
महिला के मुताबिक, प्रेम विवाह के कारण उसके मायके पक्ष से भी संबंध सामान्य नहीं हैं। ऐसे में वह अपने स्तर पर जीवनयापन करने की कोशिश कर रही है, लेकिन दो छोटे बच्चों की जिम्मेदारी को लेकर वह चिंतित है।

महिला का कहना है कि उसने फिलहाल बच्चों को उनके पिता और दादी के पास रखने का निर्णय लिया था। उसका उद्देश्य नौकरी मिलने और अलग रहने की व्यवस्था होने तक बच्चों की देखभाल ससुराल पक्ष द्वारा किए जाने का था।
कलेक्टोरेट के सामने बिगड़ी स्थिति..
महिला के अनुसार, बच्चों को ससुराल में छोड़ने के बाद वह ऑटो से वापस लौट रही थी। इसी दौरान उसकी ननद भी उसी ऑटो में सवार हो गई। कलेक्टोरेट के मुख्य द्वार के पास महिला जब अपना सूटकेस उतारने लगी, तो ननद ने उसे रोक दिया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
विवाद बढ़ता देख ऑटो चालक ने दोनों महिलाओं को नीचे उतार दिया। इसके बाद सड़क पर ही दोनों के बीच बहस और बढ़ गई और कुछ ही देर में दोनों एक-दूसरे से झूमाझटकी करने लगीं। मौके पर मौजूद लोगों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन कुछ समय तक सड़क पर हंगामे की स्थिति बनी रही।
दो युवकों के बच्चों को छोड़कर जाने का आरोप..
महिला ने आरोप लगाया कि इसी दौरान बाइक से दो युवक वहां पहुंचे। महिला के अनुसार, दोनों युवक उसके दो छोटे बच्चों को उसके पास छोड़कर वहां से चले गए। महिला का दावा है कि बच्चों को सड़क पर देखकर वह उन्हें संभालने लगी। इसी दौरान ननद ने उसके साथ दोबारा मारपीट की।
महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि बाइक से बच्चों को लेकर पहुंचने वाले युवकों में से एक उसका पति और बच्चों का पिता था। उसका कहना है कि पति दोनों बच्चों को उसके पास छोड़कर वहां से चला गया।
ननद दूसरे ऑटो से चली गई..
महिला के मुताबिक, विवाद के दौरान काफी देर तक दोनों के बीच हाथापाई होती रही। बाद में उसकी ननद मौका पाकर दूसरे ऑटो में बैठकर वहां से चली गई। घटना के कारण कलेक्टोरेट के मुख्य द्वार के सामने कुछ देर के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई।
वीडियो वायरल, जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति..
घटना का कुछ हिस्सा कलेक्टोरेट के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुआ है। मारपीट का वीडियो अब इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि, बच्चों को सड़क पर छोड़ने और पति की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। वायरल वीडियो में दिखाई देने वाले घटनाक्रम और महिला द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर ही फिलहाल मामले की जानकारी सामने आई है। संबंधित पक्ष का बयान और पुलिस जांच के बाद ही विवाद की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पारिवारिक विवाद से जुड़ी इस घटना ने कलेक्टोरेट जैसे सार्वजनिक स्थान पर सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। अब मामले में शिकायत और पुलिस कार्रवाई के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विवाद की शुरुआत किस बात से हुई और मारपीट के लिए जिम्मेदार कौन था।







