पर्यटकों के लिए बढ़ेंगी सुविधाएं, हरियाली और प्राकृतिक आकर्षण के साथ नए स्वरूप में विकसित होगा रायपुर का नंदनवन..

रायपुर, 31 अगस्त। राजधानी रायपुर के अटारी गांव स्थित नंदनवन अब जल्द ही नए और आकर्षक स्वरूप में नजर आएगा। लंबे समय से विकास और बेहतर सुविधाओं की जरूरत महसूस कर रहे नंदनवन के कायाकल्प की तैयारी शुरू हो गई है। करीब 50 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश से इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस कर विकसित करने की योजना है। खास बात यह है कि पूरी परियोजना को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इससे नंदनवन को राज्य के प्रमुख पर्यटन और प्रकृति आधारित मनोरंजन स्थलों में शामिल करने की दिशा में काम होगा।


मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों ने मुख्य सचिव विकासशील के समक्ष नंदनवन पुनर्विकास की प्रस्तावित योजना का प्रस्तुतिकरण किया। बैठक में परियोजना के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने नंदनवन में प्रस्तावित विकास कार्यों, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ाने की योजना की जानकारी दी।
बॉटनिकल गार्डन को मिलेगा नया स्वरूप..
नंदनवन परिसर में स्थित बॉटनिकल गार्डन को परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। इसे नए सिरे से विकसित कर अधिक व्यवस्थित और आकर्षक बनाने की योजना है। यहां पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पौधों और जैव विविधता को प्रदर्शित करने वाली सुविधाओं को बेहतर करने पर जोर दिया जाएगा। उद्देश्य यह है कि लोग यहां केवल घूमने ही नहीं, बल्कि प्रकृति और पर्यावरण के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए भी पहुंचें।
पर्यटकों की सुविधा पर विशेष जोर..
बैठक में मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नंदनवन के विकास में केवल निर्माण कार्यों पर ध्यान न दिया जाए, बल्कि पर्यटकों और आम लोगों की सुविधा को प्राथमिकता दी जाए। इसके तहत भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर विभिन्न जन-सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया गया है। परियोजना पूरी होने के बाद नंदनवन में आने वाले लोगों को बेहतर वातावरण और सुविधाजनक पर्यटन अनुभव मिलने की उम्मीद है।
PPP मॉडल से होगा विकास..
करीब 50 करोड़ रुपये की यह परियोजना PPP मॉडल पर आधारित होगी। इस मॉडल के जरिए निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता और निवेश का उपयोग करते हुए नंदनवन के बुनियादी ढांचे और पर्यटन सुविधाओं को विकसित करने की योजना है। सरकार की ओर से पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक हित को ध्यान में रखते हुए परियोजना की निगरानी की जाएगी।
प्रकृति, पर्यटन और आधुनिक सुविधाओं का होगा मेल..
नंदनवन के पुनर्विकास की योजना का उद्देश्य इसे केवल एक सामान्य उद्यान के रूप में विकसित करना नहीं, बल्कि प्रकृति, पर्यावरण, पर्यटन और जन-सुविधाओं के बेहतर समन्वय वाले स्थल के रूप में तैयार करना है। आधुनिक सुविधाओं के साथ हरित क्षेत्र को संरक्षित रखने पर भी जोर रहेगा। राजधानी के तेजी से विस्तार के बीच ऐसा प्रकृति आधारित स्थल शहरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है।
बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण पाण्डेय,वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, NRDA के सीईओ चंदन कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों को परियोजना के अगले चरणों और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
सरकार की इस पहल से नंदनवन को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के साथ राजधानी के पर्यटन मानचित्र पर इसे और मजबूत पहचान मिलने की उम्मीद है।







