आदिवासी दिवस पर पुष्पवर्षा से गूंजा भाईचारे का संदेश..

विहिप-बजरंग दल ने समाज प्रमुखों और रैली में शामिल लोगों का किया आत्मीय स्वागत, सामाजिक समरसता को मजबूत करने की पहल..

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे का संदेश देते हुए आदिवासी समाज के कार्यक्रम में शामिल लोगों का आत्मीय स्वागत किया। नगर में आयोजित आदिवासी दिवस के कार्यक्रम और रैली में शामिल समाज प्रमुखों, प्रबुद्धजनों, युवाओं और मातृशक्ति का संगठन के कार्यकर्ताओं ने पुष्पवर्षा और श्रीफल भेंट कर अभिनंदन किया।

रैली के मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर स्वागत मंच और केंद्र बनाए गए थे। जैसे ही रैली वहां पहुंची, कार्यकर्ताओं ने समाज प्रमुखों और अन्य लोगों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। इस दौरान पूरे मार्ग पर उत्साह का माहौल नजर आया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल एक समुदाय के गौरव और संस्कृति को सम्मान देने का अवसर नहीं, बल्कि समाज के सभी वर्गों के बीच आपसी सम्मान और भाईचारे को मजबूत करने का भी अवसर है।

स्वागत के जरिए दिया ‘हम सब एक हैं’ का संदेश..

विहिप और बजरंग दल के पदाधिकारियों ने कहा कि आदिवासी समाज भारतीय सांस्कृतिक परंपरा की महत्वपूर्ण धरोहर है। प्रकृति, जल, जंगल और पर्यावरण के संरक्षण के साथ अपनी परंपराओं, लोक संस्कृति और जीवन मूल्यों को पीढ़ियों तक सहेजने में आदिवासी समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

उन्होंने कहा कि समाज की मजबूती आपसी सम्मान, प्रेम, सहयोग और भाईचारे से होती है। इसी भावना को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से संगठन की ओर से रैली में शामिल समाज प्रमुखों और नागरिकों का स्वागत किया गया।

रैली मार्ग पर जगह-जगह हुआ अभिनंदन..

आदिवासी दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे लोगों के लिए नगर में कई स्थानों पर स्वागत केंद्र बनाए गए थे। रैली के पहुंचते ही कार्यकर्ताओं ने पुष्पवर्षा कर लोगों का स्वागत किया। समाज प्रमुखों को श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया।

स्वागत कार्यक्रम में विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रैली मार्ग पर मौजूद रहे। संगठन की ओर से कहा गया कि ऐसे आयोजनों से समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद और आपसी जुड़ाव बढ़ता है तथा सामाजिक समरसता की भावना मजबूत होती है।

आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को बताया महत्वपूर्ण..

कार्यक्रम के दौरान पदाधिकारियों ने आदिवासी समाज की सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रकृति के साथ संतुलित जीवन, जल-जंगल-जमीन के संरक्षण और सामुदायिक जीवन की परंपरा आदिवासी समाज की विशिष्ट पहचान रही है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपराओं का सम्मान करना सामूहिक जिम्मेदारी है। विश्व आदिवासी दिवस पर किया गया स्वागत इसी सम्मान और अपनत्व की भावना का प्रतीक है।

बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद..

कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद जिला अध्यक्ष हर्ष छाबरिया, बजरंग दल विभाग संयोजक सागर पटेल, प्रांत बाल संस्कार प्रमुख प्रिया त्रिवेदी, जिला मंत्री प्रकाश साहू, जिला सह मंत्री निखिल परिहार, जिला संयोजक रविंद्र कैवर्थ, जिला उपाध्यक्ष सरोज पवार, जिला संयोजिका विभा तिवारी और दुर्गा वाहिनी संयोजिका नीलम पुरी सहित संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।

इसके अलावा कशिश, काजल, दिशा, स्नेहलता, सुमन, रुक्मिणी, अनिता, रामेश्वरी, कंचन, बृजेश सोनी, नवीन, विनय, सनी, अनुराग, शुभम, देवांश, उत्तम, बृजेश, भूपेंद्र, शिवम और दीपक विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक कार्यक्रम में शामिल हुए।

सामाजिक एकता का दिया संदेश..

कार्यक्रम के समापन पर संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि सामाजिक समरसता केवल आयोजनों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे समाज के दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित स्वागत कार्यक्रम के माध्यम से संगठन ने विभिन्न समाजों के बीच सम्मान, अपनत्व और भाईचारे की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।