लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक-2026 को बताया युवाओं के भविष्य की सुरक्षा और ईमानदार अभ्यर्थियों के अधिकारों की रक्षा का मजबूत कानून..

बिलासपुर। लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक-2026 पारित होने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने इसे देश की परीक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है। भाजपा बिलासपुर शहर जिला मीडिया सहप्रभारी दुर्गेश पाण्डेय ने कहा कि यह विधेयक केवल कानून में संशोधन नहीं, बल्कि लाखों मेहनती और प्रतिभाशाली युवाओं के भविष्य की सुरक्षा का मजबूत संकल्प है।
उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, संगठित नकल और परीक्षा माफिया जैसी घटनाओं ने युवाओं का विश्वास कमजोर किया है। लाखों अभ्यर्थी वर्षों की मेहनत के बाद भी ऐसे अपराधों के कारण नुकसान उठाते रहे हैं। अब नए संशोधन के माध्यम से सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दुर्गेश पाण्डेय ने कहा कि संशोधित विधेयक में पेपर लीक, संगठित नकल और परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जुड़े अपराधों पर कठोर दंड का प्रावधान किया गया है। साथ ही मामलों की त्वरित जांच, शीघ्र न्याय और आधुनिक तकनीक के दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए भी कानूनी व्यवस्था को मजबूत बनाया गया है। इससे परीक्षा माफिया पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी चाहता है कि उसकी सफलता केवल उसकी मेहनत, योग्यता और प्रतिभा के आधार पर तय हो। यदि परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी होगी तो योग्य अभ्यर्थियों को उनका अधिकार मिलेगा और देश को बेहतर मानव संसाधन प्राप्त होगा। इसलिए यह विधेयक करोड़ों युवाओं के विश्वास को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण कदम है।
भाजपा मीडिया सहप्रभारी ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए सुधारात्मक कदम उठा रही है। लोकसभा में इस विधेयक का पारित होना उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने उम्मीद जताई कि कानून के प्रभावी और निष्पक्ष क्रियान्वयन से भविष्य में पेपर लीक और परीक्षा संबंधी धांधलियों पर स्थायी रोक लगेगी तथा ईमानदारी से तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को न्याय मिलेगा।
दुर्गेश पाण्डेय ने कहा कि यह पहल देश की परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और जवाबदेह बनाने के साथ-साथ युवाओं में विश्वास बढ़ाने का कार्य करेगी। उन्होंने इसे शिक्षा क्षेत्र में सुधार और प्रतिभा को उचित सम्मान दिलाने की दिशा में मील का पत्थर बताया।







