कैबिनेट के फैसले का भाजपा किसान मोर्चा ने किया स्वागत, कहा – खेती की जरूरतों को लेकर संवेदनशील है साय सरकार..

रायपुर। छत्तीसगढ़ में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने और उर्वरकों की कमी, कालाबाजारी तथा वितरण संबंधी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में उर्वरकों की उपलब्धता की निगरानी के लिए मंत्रिमंडलीय उप समिति के गठन का निर्णय लिया गया है। इस फैसले को प्रदेश के कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता बी.पी. सिंह ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक व्यवस्था नहीं, बल्कि किसानों के हितों की रक्षा और कृषि व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में उठाया गया दूरदर्शी कदम है। उन्होंने कहा कि कृषि प्रधान राज्य छत्तीसगढ़ में खेती की सफलता काफी हद तक समय पर उर्वरकों की उपलब्धता पर निर्भर करती है। ऐसे में सरकार का यह निर्णय लाखों किसानों को राहत देने वाला साबित होगा।
उर्वरक व्यवस्था की होगी नियमित समीक्षा..
गठित मंत्रिमंडलीय उप समिति के अध्यक्ष नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव होंगे। समिति में सहकारिता मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे। कृषि उत्पादन आयुक्त समिति के संयोजक होंगे और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर समिति की अनुशंसाओं को लागू कराने की जिम्मेदारी निभाएंगे।
यह समिति प्रदेश में उर्वरकों की मांग और उपलब्धता का आकलन करेगी, भंडारण और परिवहन व्यवस्था की निगरानी करेगी तथा वितरण प्रणाली में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए सुझाव देगी। साथ ही संभावित संकट की स्थिति से पहले ही निपटने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
कालाबाजारी और कृत्रिम कमी पर लगेगी रोक..
बी.पी. सिंह ने कहा कि हर वर्ष खरीफ और रबी सीजन में कई क्षेत्रों से खाद की कमी, लंबी कतारों और वितरण संबंधी शिकायतें सामने आती हैं। नई समिति इन समस्याओं की नियमित समीक्षा कर समय पर समाधान सुनिश्चित करेगी। इससे कृत्रिम संकट पैदा करने वाले तत्वों और कालाबाजारी पर भी प्रभावी अंकुश लगेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल उर्वरक उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि हर किसान को जरूरत के समय पर्याप्त मात्रा में खाद मिल सके। इससे खेती की लागत और उत्पादन दोनों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
किसानों को केंद्र में रखकर लिए जा रहे फैसले..
भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की समस्याओं को समझते हुए निर्णय ले रही है। सरकार की प्राथमिकता कृषि उत्पादन बढ़ाने, किसानों की आय में वृद्धि करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की है।
उन्होंने कहा कि उर्वरकों की सुचारु उपलब्धता न केवल कृषि उत्पादन बढ़ाने में मदद करेगी, बल्कि प्रदेश के लाखों किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का भी माध्यम बनेगी। कैबिनेट का यह निर्णय आने वाले समय में कृषि क्षेत्र के लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा और किसानों का भरोसा और मजबूत करेगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल..
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसानों को समय पर खाद, बीज और अन्य कृषि आदान उपलब्ध होते हैं तो उत्पादन क्षमता में वृद्धि होती है। यही कारण है कि सरकार ने उर्वरक प्रबंधन को सीधे मंत्रिस्तरीय निगरानी से जोड़कर इसे प्राथमिकता दी है। माना जा रहा है कि यह व्यवस्था खेती-किसानी से जुड़े निर्णयों को अधिक प्रभावी बनाएगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगी।







