NEET विवाद पर कांग्रेस का केंद्र सरकार पर हमला, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और छात्रों का एजुकेशन लोन माफ करने की मांग.. देखें वीडियो..

‘लाखों छात्रों के भविष्य से हुआ खिलवाड़, दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई’..

बिलासपुर। NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में सामने आई अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा और ग्रामीण जिलाध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने कहा कि देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं में शामिल नीट को लेकर उठे विवादों ने लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों का भरोसा हिला दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में हुई गड़बड़ियों का खामियाजा मेहनती छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाने का सपना लेकर छात्र वर्षों तक कठिन परिश्रम करते हैं। कई विद्यार्थी कोचिंग, अध्ययन सामग्री और अन्य शैक्षणिक खर्चों के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं, जबकि अनेक परिवार आर्थिक परेशानियों के बावजूद अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए शिक्षा ऋण लेने को मजबूर हो जाते हैं। ऐसे में यदि परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं, तो इसका सीधा असर छात्रों के भविष्य और उनके मनोबल पर पड़ता है।

प्रभावित छात्रों का शिक्षा ऋण माफ करने की मांग..

कांग्रेस ने मांग की है कि नीट परीक्षा की तैयारियों के लिए एजुकेशन लोन लेने वाले प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों को राहत दी जाए। पार्टी का कहना है कि जिन छात्रों ने पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ परीक्षा की तैयारी की, उन्हें परीक्षा से जुड़े विवादों और अव्यवस्थाओं की कीमत नहीं चुकानी चाहिए। इसलिए सरकार को विशेष राहत पैकेज के रूप में ऐसे विद्यार्थियों के शिक्षा ऋण माफ करने पर विचार करना चाहिए।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री से मांगा इस्तीफा..

बाइट – महेंद्र गंगोत्री ग्रामीण जिलाध्यक्ष कांग्रेस बिलासपुर

सिद्धांशु मिश्रा और महेंद्र गंगोत्री ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि नीट परीक्षा से जुड़ा पूरा विवाद केंद्र सरकार की जवाबदेही और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी परीक्षा में सामने आई गड़बड़ियां प्रशासनिक विफलता का संकेत हैं और इसकी नैतिक जिम्मेदारी तय होना आवश्यक है।

बाइट – सिद्धांशु मिश्रा कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष बिलासपुर

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस पूरे मामले में स्पष्ट जवाब देने और जिम्मेदारी स्वीकार करने से बच रही है। उनका कहना है कि जब लाखों छात्रों के भविष्य का प्रश्न हो, तब सरकार को अधिक संवेदनशील और जवाबदेह रवैया अपनाना चाहिए।

निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग..

कांग्रेस ने मांग की है कि कथित पेपर लीक और परीक्षा में हुई अनियमितताओं की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराई जाए। साथ ही मामले में शामिल सभी दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

नेताओं ने कहा कि केवल जांच ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की भी आवश्यकता है। परीक्षा आयोजन की पूरी प्रक्रिया को तकनीकी रूप से अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाना चाहिए, ताकि छात्रों और अभिभावकों का विश्वास दोबारा स्थापित हो सके।

युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला..

कांग्रेस का कहना है कि यह केवल एक परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था की साख और समान अवसर के सिद्धांत से जुड़ा विषय है। पार्टी ने चेतावनी दी कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे, क्योंकि युवाओं के सपनों और भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश के विद्यार्थियों को न्याय दिलाने और शिक्षा व्यवस्था में विश्वास कायम रखने के लिए पार्टी लगातार आवाज उठाती रहेगी।