

बिलासपुर। सुशासन तिहार 2026 के तहत बिलासपुर के हेमूनगर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने जिले को 134 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने 18.59 करोड़ रुपए की लागत से पूर्ण हुए 7 कार्यों का लोकार्पण तथा 115.46 करोड़ रुपए की लागत वाले 17 नए विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में तेजी से कार्य किए जा रहे हैं ताकि प्रदेश के नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य को मिली मजबूती..
लोकार्पित कार्यों में कई महत्वपूर्ण सड़क निर्माण परियोजनाएं शामिल हैं। कडरी-सलखा मार्ग, पाली-सिलतरा मार्ग, नवापारा-कपसियाखुर्द मार्ग, टाडा-गढ़िया बस्ती मार्ग तथा मेडपार बाजार से मनियारी पुल तक सड़क निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया गया। इसके अलावा कोटा क्षेत्र के साजापाली में हाई स्कूल भवन का निर्माण भी पूरा होने पर जनता को समर्पित किया गया।
स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में जिला चिकित्सालय बिलासपुर में लगभग 4.50 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन का भी मुख्यमंत्री ने लोकार्पण किया। इससे मरीजों को अब बेहतर और त्वरित जांच सुविधा उपलब्ध होगी तथा बड़े शहरों पर निर्भरता कम होगी।
115 करोड़ से अधिक के नए विकास कार्यों का शिलान्यास..
मुख्यमंत्री ने जिन 17 विकास कार्यों का शिलान्यास किया उनमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की सड़कें, पुल-पुलिया, चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य प्रमुख हैं।
कोटा-बेलगहना मार्ग के चौड़ीकरण, खोंगसरा-पीपरखुंटी मार्ग पर उच्चस्तरीय पुल निर्माण, उस्लापुर स्टेशन पहुंच मार्ग के विकास तथा विभिन्न ग्रामीण संपर्क सड़कों के निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी गई।
इसके अलावा सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में भी बड़ी पहल करते हुए 22.65 करोड़ रुपए की लागत से बहुउद्देशीय वृद्धाश्रम भवन तथा 18.76 करोड़ रुपए की लागत से दिव्यांग शिक्षण-प्रशिक्षण एवं बहुउद्देशीय पुनर्वास केंद्र भवन का शिलान्यास किया गया। इन परियोजनाओं से बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त जारी..
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त भी जारी की। इसके तहत प्रदेश की 68 लाख 54 हजार महिलाओं के बैंक खातों में 642 करोड़ 27 लाख रुपए से अधिक की राशि सीधे अंतरित की गई।


मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा देने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का भी माध्यम बन रही है। उन्होंने कहा कि परिवार और समाज की प्रगति में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है और सरकार उनके सम्मान एवं स्वावलंबन के लिए लगातार कार्य कर रही है।
अब तक 18 हजार करोड़ से अधिक की सहायता..
उल्लेखनीय है कि मार्च 2024 में शुरू हुई महतारी वंदन योजना के तहत पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपए की सहायता राशि दी जा रही है। जून 2026 में जारी किस्त के साथ अब तक महिलाओं के खातों में कुल 18 हजार 165 करोड़ रुपए से अधिक की राशि पहुंचाई जा चुकी है।
योजना से मिली राशि का उपयोग महिलाएं बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, पोषण, घरेलू जरूरतों और छोटे स्वरोजगार कार्यों में कर रही हैं। इससे परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ महिलाओं की सामाजिक भागीदारी और आत्मविश्वास में भी वृद्धि हुई है।
दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाओं को भी मिला लाभ..
मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर संभाग के सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर और नारायणपुर जिलों में संचालित नियद नेल्लानार अभियान के माध्यम से 7,770 नई महिलाओं को भी महतारी वंदन योजना से जोड़ा गया है। इससे दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों की महिलाओं को भी आर्थिक सहायता और सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महिलाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है और सरकार प्रदेश की प्रत्येक महिला को सशक्त, आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
सुशासन तिहार के मंच से विकास और महिला सशक्तिकरण का संदेश देते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार जनकल्याण, आधारभूत संरचना विकास और सामाजिक सुरक्षा को समान प्राथमिकता देते हुए प्रदेश के सर्वांगीण विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।



