

गरियाबंद। उदंती-सीतानदी टाइगर रिज़र्व में अवैध रूप से प्रवेश कर शिकार की कोशिश करने वाले दो आरोपियों को वन विभाग की टीम ने गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी ओडिशा के रहने वाले हैं। इस कार्रवाई के बाद अब टाइगर रिज़र्व की टीम ओडिशा के अंदरूनी इलाकों तक गश्त बढ़ाने की तैयारी में है।

वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 को गोपनीय सूचना मिली थी कि ओडिशा के नुआपाड़ा जिले के कटफाड़ क्षेत्र में रहने वाले कुछ लोगों के पास वन्यजीव शिकार से जुड़ी सामग्री मौजूद है। सूचना मिलते ही अधिकारियों ने तुरंत एंटी-पोचिंग टीम को सक्रिय किया।

2 अप्रैल को टीम ने ग्राम गंटियापाड़ा (कटफाड़) में जयराम पाहारिया के घर और आसपास के क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान घर से 2 धनुष, 5 तीर और अन्य शिकार से जुड़े उपकरण बरामद किए गए। इसके बाद जयराम पाहारिया और उसके साथी बरनसिंग पाहारिया के खिलाफ वन अपराध दर्ज किया गया।
जांच के दौरान दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर 7 अप्रैल को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने टाइगर रिज़र्व क्षेत्र में रात के समय शिकार के इरादे से घुसने की बात स्वीकार की है। साथ ही उन्होंने अपने गांव के अन्य लोगों के नाम भी बताए हैं, जो पहले भी शिकार की घटनाओं में शामिल रहे हैं। उनकी तलाश जारी है।
इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व उपनिदेशक वरुण जैन के मार्गदर्शन में किया गया। नव नियुक्त रेंजर दिनेश चौधरी की सक्रिय भूमिका भी इसमें अहम रही। वे लगातार क्षेत्र में जागरूकता अभियान चला रहे हैं और मुखबिर तंत्र को मजबूत कर रहे हैं।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अब टाइगर रिज़र्व की सुरक्षा को और सख्त किया जाएगा और ओडिशा सीमा से लगे अंदरूनी क्षेत्रों में भी नियमित गश्त की जाएगी, ताकि वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इस अभियान में वन विभाग की विभिन्न टीमों, स्निफर डॉग स्क्वॉड और ओडिशा के वन अमले का विशेष योगदान रहा।



