कोयला हेराफेरी मामले में हिर्री पुलिस की बड़ी कार्रवाई : डिपो मालिक, वाहन मालिक और तीन चालक गिरफ्तार, उच्च गुणवत्ता के कोयले की अदला-बदली का आरोप..

बिलासपुर। जिले में कोयला हेराफेरी और अवैध कारोबार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत हिर्री पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने उच्च गुणवत्ता वाले कोयले की हेराफेरी के मामले में कोल डिपो मालिक, वाहन मालिक और तीन ट्रेलर चालकों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामला सामने आने के बाद कोयला कारोबार से जुड़े क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

पुलिस के अनुसार मामला थाना हिर्री क्षेत्र के पेण्ड्रीडीह स्थित कोल डिपो से जुड़ा है। प्रकरण में पुलिस ने रामावैली निवासी कोल डिपो संचालक नरेश अग्रवाल, वाहन मालिक गंगा प्रसाद साहू तथा ट्रेलर चालक फिरोज अंसारी, निसार अंसारी और इमरान अंसारी को गिरफ्तार किया है।

जानकारी के मुताबिक प्रार्थी आशीष केशरी, जो कोयला परिवहन और लिफ्टिंग का कार्य करता है, ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि एसईसीएल अमेरा विश्रामपुर क्षेत्र की खदान से उच्च गुणवत्ता वाला जी-6 ग्रेड कोयला ट्रेलरों में लोड कर सिलतरा स्थित गोपाल स्पंज एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड भेजा गया था। आरोप है कि रास्ते में पेण्ड्रीडीह चौक के पास ट्रेलरों को कोल डिपो में ले जाकर उनमें से करीब पांच-पांच टन उच्च गुणवत्ता वाला कोयला उतार लिया गया और उसकी जगह निम्न गुणवत्ता का कोयला भर दिया गया।

बताया गया कि उच्च गुणवत्ता वाला 5500-5800 जीसीव्ही कोयला निकालकर उसकी जगह लगभग 4700 जीसीव्ही का निम्न गुणवत्ता वाला कोयला लोड कर उद्योग तक पहुंचाया गया। इस हेराफेरी से उद्योगों को आर्थिक नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

मामले की शिकायत मिलने के बाद हिर्री थाना पुलिस ने गंभीरता से जांच शुरू की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह और नगर पुलिस अधीक्षक डी.आर. टंडन के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक दामोदर मिश्रा के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया तथा गवाहों के बयान दर्ज किए। साथ ही निम्न गुणवत्ता वाले कोयले के नमूने भी जांच के लिए लिए गए।

जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में कोयला हेराफेरी, अवैध परिवहन और गुणवत्ता में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन और पुलिस की सख्ती के बाद अब कोयला कारोबार से जुड़े लोगों में भी सतर्कता बढ़ गई है।