

बलरामपुर-रामानुजगंज। जिले के कुसमी थाना क्षेत्र के त्रिपुरी गांव में अवैध अफीम की खेती का बड़ा मामला सामने आया है। गांव की करीब 4 से 5 एकड़ जमीन पर अफीम के पौधे उगाए जाने की जानकारी मिलते ही प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और खेतों में लगे अफीम के पौधों को जब्त करते हुए पूरे मामले की जांच शुरू कर दी।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार झारखंड के एक व्यक्ति ने गांव के दो स्थानीय ग्रामीणों से करीब चार एकड़ जमीन लीज पर ली थी। जमीन मालिकों को बताया गया था कि वहां फूलों की खेती की जाएगी, लेकिन बाद में उसी जमीन पर अफीम की खेती शुरू कर दी गई।
ग्रामीणों को हुआ शक, पुलिस को दी सूचना..
बताया जा रहा है कि शुरुआत में ग्रामीणों को इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। बाद में खेत में उगाए गए पौधों को देखकर लोगों को संदेह हुआ कि यह सामान्य फसल नहीं बल्कि अफीम के पौधे हैं। इसके बाद ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस और प्रशासन को दी।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची प्रशासनिक टीम..
मंगलवार सुबह सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम सक्रिय हो गई। कुसमी, शंकरगढ़ और सामरी थाना क्षेत्र की पुलिस के साथ जशपुर जिले के आस्ता थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंची।
घटनास्थल पर कुसमी एसडीएम अनमोल विवेक टोप्पो, एसडीओपी आशीष कुंजाम, थाना प्रभारी विरासत कुजूर और तहसीलदार राकी इक्का भी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने खेतों का निरीक्षण कर अफीम के पौधों को जब्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी। साथ ही पूरे इलाके की बारीकी से जांच की जा रही है।
फूलों की खेती का झांसा देकर ली गई जमीन..
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जमीन मालिकों को फूलों की खेती करने का झांसा देकर जमीन लीज पर ली गई थी। बाद में उसी जमीन पर अफीम की खेती शुरू कर दी गई। ग्रामीणों को जब इस बात का शक हुआ तो उन्होंने इसकी जानकारी प्रशासन को दी।
इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि इतने बड़े पैमाने पर अवैध खेती होने के बावजूद प्रशासन को पहले इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली।
जांच में खुल सकते हैं कई बड़े राज..
अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि अफीम की खेती कब से की जा रही थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस को आशंका है कि इस मामले में बाहरी लोगों की भी संलिप्तता हो सकती है।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है और अफीम के पौधों को नष्ट करने के साथ-साथ साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



