खीरा लोड करने के बहाने बुलाया वाहन, जंगल में लाद रहे थे साल के लट्ठे..

वन विभाग की घेराबंदी में 2.299 घन मीटर अवैध साल लकड़ी जब्त, महिंद्रा वाहन भी पकड़ा गया; आरोपी जंगल का फायदा उठाकर फरार..

बलरामपुर। वन क्षेत्रों में अवैध कटाई और लकड़ी तस्करी के खिलाफ वन विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में रामानुजगंज वन परिक्षेत्र के त्रिकुंडा क्षेत्र स्थित पलगी जंगल में वन अमले ने अवैध साल लकड़ी से लदे एक महिंद्रा वीरो वाहन को जब्त किया है। वाहन से साल प्रजाति के पांच लट्ठे बरामद किए गए हैं। जब्त लकड़ी की कुल मात्रा 2.299 घन मीटर बताई गई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 71 हजार 448 रुपये है। कार्रवाई के दौरान वाहन से जुड़ा आरोपी जंगल का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया।

मुखबिर की सूचना पर पहुंचा वन अमला..

वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, 20 सितंबर 2026 को वनमंडलाधिकारी बलरामपुर आलोक कुमार बाजपेयी के निर्देशन और उपवनमंडलाधिकारी अनिल कुमार सिंह पैकरा के मार्गदर्शन में वन परिक्षेत्राधिकारी रामानुजगंज डॉ. दिलरुबा ए. बानो के नेतृत्व में वन अमला सर्किल बगरा के बीट पलगी में निगरानी कर रहा था। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि कक्ष क्रमांक 794 के जंगल में एक वाहन के जरिए अवैध रूप से काटी गई साल लकड़ी का परिवहन किया जा रहा है।

सूचना को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग की टीम तत्काल बताए गए स्थान पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी शुरू की।

खीरा लोड करने के नाम पर बुलाया गया था वाहन..

वन विभाग के अनुसार, प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि वाहन चालक को जंगल में खीरा लोड करने के नाम पर बुलाया गया था। हालांकि, जंगल के भीतर पहुंचने के बाद वाहन में खीरे के बजाय कथित रूप से अवैध रूप से काटे गए साल के लट्ठे लोड किए जा रहे थे। इसी दौरान वन अमला मौके पर पहुंच गया।

वन विभाग की टीम को देखते ही संबंधित व्यक्ति जंगल की ओर भाग निकला। वन अमले ने पीछा कर उसे पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन घने जंगल और मौके की परिस्थितियों का फायदा उठाकर वह फरार हो गया।

वाहन और पांच साल लट्ठे जब्त..

वन विभाग की टीम ने मौके से महिंद्रा वीरो वाहन क्रमांक UP64 CT/3581 को जब्त कर लिया। वाहन की जांच करने पर उसमें साल प्रजाति के पांच लट्ठे लदे मिले। विभाग ने लकड़ी को जब्त कर उसकी नाप-जोख की, जिसमें कुल मात्रा 2.299 घन मीटर दर्ज की गई। जब्त लकड़ी की अनुमानित कीमत 1,71,448 रुपये बताई गई है।

वन कानूनों के तहत प्रकरण दर्ज..

मामले में वन विभाग ने भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 33(1)(क), छत्तीसगढ़ वन उपज एवं व्यापार (विनियमन) अधिनियम 1969 की धारा 5(1) तथा छत्तीसगढ़ वनोपज अभिवहन नियम 2001 की धारा 22(1) के तहत कार्रवाई की है। फरार आरोपी की पहचान और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है।

निगरानी बढ़ाने का दावा..

वन विभाग का कहना है कि जंगलों में अवैध कटाई और वनोपज की तस्करी रोकने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त और मुखबिर तंत्र को सक्रिय रखा गया है। विभाग ने कहा कि अवैध कटाई, वनोपज के अवैध परिवहन और तस्करी से जुड़े मामलों में नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

कार्रवाई में उपवनक्षेत्रपाल मतिन अहमद अंसारी, वनपाल दयाशंकर सिंह, वनपाल विजय वर्मन, वनरक्षक कृष्ण कुमार पैकरा, नरेश कुमार, राजनाथ सिंह, अनेश्वर राजवाड़े एवं अनुराग तिवारी शामिल रहे।