रक्षाबंधन पर मायके नहीं पहुंची संतोषी, 23 दिन बाद सेप्टिक टैंक में मिला शव; लिव-इन पार्टनर पर हत्या का आरोप..

कोरबा के बरपाली गांव में सनसनीखेज मामला, महिला की मौत के बाद शव छिपाने का आरोप; घटना के बाद से संदिग्ध मनोज उरांव फरार..

कोरबा। रक्षाबंधन पर मायके नहीं पहुंची बहन की तलाश करते-करते परिजन जब उसके घर पहुंचे, तो वहां से उठ रही तेज बदबू ने एक सनसनीखेज मामले का खुलासा कर दिया। घर के पीछे बने सेप्टिक टैंक को खोलने पर अंदर एक महिला का सड़ी-गली हालत में शव मिला। मृतका की पहचान 33 वर्षीय संतोषी के रूप में हुई है। पुलिस को आशंका है कि महिला की हत्या कर उसका शव टैंक में छिपाया गया था। इस मामले में उसके लिव-इन पार्टनर 40 वर्षीय मनोज उरांव पर हत्या करने और शव छिपाने का आरोप है। घटना के बाद से वह फरार बताया जा रहा है।

मामला कोरबा जिले के श्यांग थाना क्षेत्र के ग्राम बरपाली का है। पुलिस के अनुसार, संतोषी करीब दो साल से मनोज उरांव के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी। दोनों के बीच 27 अगस्त को किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसी विवाद के बाद महिला की मौत होने की बात सामने आई है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि पोस्टमॉर्टम तथा फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट से होगी।

विवाद के बाद मारपीट, फिर महिला की मौत..

पुलिस के मुताबिक, 27 अगस्त को संतोषी और मनोज के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि नशे की हालत में मनोज ने संतोषी के साथ मारपीट की। आसपास के लोगों ने बीच-बचाव कर दोनों को शांत कराया था। बताया जा रहा है कि देर शाम दोनों के बीच दोबारा विवाद हुआ और मारपीट के बाद संतोषी की मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार, महिला की मौत के बाद मनोज ने कथित तौर पर उसके शव को घर के पीछे बने सेप्टिक टैंक में डाल दिया और उसका ढक्कन बंद कर दिया। इसके बाद उसने परिजनों को संतोषी के कहीं चले जाने की बात बताई। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

रक्षाबंधन पर बहन के नहीं पहुंचने से परिजनों को हुआ शक..

घटना के अगले दिन रक्षाबंधन था। संतोषी के मायके नहीं पहुंचने पर उसके भाइयों ने मनोज से पूछताछ की। इस दौरान मनोज ने बताया कि संतोषी एक दिन पहले ही कहीं चली गई है। शुरुआत में परिजनों ने उसकी बात पर भरोसा किया, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी संतोषी का कोई पता नहीं चला। इसके बाद परिजनों की चिंता बढ़ने लगी। उन्होंने अपने स्तर पर उसकी तलाश शुरू की। काफी समय तक कोई जानकारी नहीं मिलने पर संतोषी के भाई रामभरोस और अन्य परिजन 19 सितंबर को मनोज के घर पहुंचे।

घर के पीछे से उठ रही थी तेज बदबू, टैंक खुलने पर सामने आया मामला..

19 सितंबर को मनोज के घर पहुंचने पर परिजनों को घर के पीछे बने सेप्टिक टैंक से तेज बदबू आती महसूस हुई। टैंक का ढक्कन भी आधा खुला हुआ था। इससे परिजनों को संदेह हुआ। उन्होंने तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दी।

सूचना मिलते ही श्यांग थाना प्रभारी लक्ष्मण खूंटे पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। रविवार सुबह कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सेप्टिक टैंक खुलवाया गया। टैंक के अंदर से एक सड़ी-गली हालत में शव बरामद हुआ। जांच के दौरान शव की पहचान संतोषी के रूप में की गई।

मौके पर फॉरेंसिक विशेषज्ञों और मेडिकल कॉलेज की टीम को भी बुलाया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। मामले में मर्ग कायम कर आगे की जांच की जा रही है।

घटना के बाद से मनोज फरार, पुलिस कर रही तलाश..

पुलिस के अनुसार, संतोषी की मौत के मामले में उसके लिव-इन पार्टनर मनोज उरांव पर हत्या करने और शव छिपाने का आरोप है। घटना के बाद से वह फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट के आधार पर मौत की वजह, घटनाक्रम और अन्य परिस्थितियों की पुष्टि की जाएगी।

पहले पति की मौत के बाद मनोज के साथ रहने लगी थी संतोषी..

जानकारी के मुताबिक, संतोषी की पहली शादी वर्ष 2001 में करतला क्षेत्र में हुई थी। उसके चार बच्चे हैं। करीब 15 साल पहले पति की मौत के बाद वह ससुराल में रह रही थी। बाद में लगभग दो साल पहले वह मनोज उरांव के साथ रहने लगी थी। बताया गया है कि मनोज की पत्नी की भी मौत हो चुकी है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी और जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही घटना से जुड़े सभी पहलुओं की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।