मासोड़ी की सड़क पर आधी रात बाघ की दस्तक, वन विभाग अलर्ट..

ट्रक की हेडलाइट पड़ते ही सामने आया जंगल का राजा, चालक ने रोका वाहन ; खेतों में मिले पंजों के निशान, 4 से अधिक ट्रैप कैमरों से निगरानी..

दंतेवाड़ा। जिले के मासोड़ी इलाके में गुरुवार की रात सड़क पर अचानक बाघ दिखाई देने से इलाके में हलचल मच गई। बीजापुर से दंतेवाड़ा की ओर जा रहे एक ट्रक चालक की नजर सड़क के बीच खड़े बाघ पर पड़ी। ट्रक की हेडलाइट जैसे ही बाघ पर पड़ी, चालक ने तुरंत वाहन रोक दिया। कुछ देर तक बाघ सड़क पर खड़ा रहा और बाद में जंगल की ओर चला गया। चालक ने इस दौरान बाघ की तस्वीर भी ली और घटना की जानकारी ग्रामीणों के साथ वन विभाग को दी।

घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई। अधिकारियों ने आसपास के जंगल और खेतों में बाघ की मौजूदगी के संकेत तलाशने शुरू किए। अगले दिन गांव के खेतों में बाघ के पंजों के निशान मिलने से इलाके में उसकी मौजूदगी की आशंका और मजबूत हुई है। इसके बाद वन विभाग ने पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है।

हेडलाइट की रोशनी में दिखा बाघ..

ट्रक चालक संतोष के मुताबिक, वह गुरुवार रात बीजापुर से दंतेवाड़ा की ओर जा रहा था। मासोड़ी के पास पहुंचने के दौरान अचानक उसकी गाड़ी की हेडलाइट सड़क पर खड़े बाघ पर पड़ी। सामने बाघ को देखकर उसने तत्काल ट्रक रोक दिया। चालक काफी देर तक वाहन के अंदर ही बैठा रहा और बाघ की गतिविधियों पर नजर रखी। कुछ समय बाद बाघ सड़क से हटकर जंगल की ओर चला गया। इसके बाद चालक ने सुरक्षित स्थिति देखकर ट्रक आगे बढ़ाया। घटना के बाद उसने इसकी जानकारी ग्रामीणों और वन विभाग को दी।

खेतों में मिले पंजों के निशान..

वन विभाग की टीम ने सूचना मिलने के बाद आसपास के क्षेत्र में जांच शुरू की। जंगल से लगे खेतों में तलाश के दौरान बाघ के पंजों के निशान मिले हैं। वन विभाग इन निशानों और बाघ के देखे जाने वाले स्थान को आधार बनाकर उसके संभावित रास्तों का पता लगाने में जुटा है। अधिकारियों का मानना है कि बाघ जंगल से निकलकर सड़क और खेतों की ओर आया हो सकता है। फिलहाल विभाग उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा है।

चार से ज्यादा ट्रैप कैमरों से निगरानी..

बाघ की वास्तविक मौजूदगी और उसके मूवमेंट की पुष्टि के लिए वन विभाग ने इलाके में चार से अधिक ट्रैप कैमरे लगाए हैं। इन कैमरों को उन स्थानों पर लगाया गया है, जहां से बाघ के गुजरने की संभावना है। कैमरों की मदद से उसके आने-जाने के रास्ते, समय और गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है। वन विभाग की टीम दिन-रात क्षेत्र की निगरानी कर रही है, ताकि बाघ की गतिविधियों का पता लगाकर उसे आबादी से दूर रखा जा सके।

गांवों में मुनादी, लोगों से जंगल और सड़क पर सावधानी बरतने की अपील..

बाघ के दिखाई देने के बाद वन विभाग ने आसपास के ग्रामीणों को सतर्क कर दिया है। गांवों में मुनादी कराकर लोगों से बाघ के नजदीक नहीं जाने, अकेले जंगल की ओर नहीं जाने और रात के समय सड़क या खेतों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की जा रही है।वन विभाग का जोर इस बात पर है कि बाघ को लेकर ग्रामीणों में अनावश्यक भय की स्थिति न बने और लोग सावधानी बरतें। विभाग की टीम ग्रामीणों को बाघ दिखाई देने पर उसका पीछा नहीं करने और तत्काल वन अमले को सूचना देने की समझाइश दे रही है।

बाघ को जंगल की ओर सुरक्षित लौटाने की तैयारी..

वन विभाग अब बाघ की गतिविधियों के आधार पर उसके संभावित मूवमेंट वाले रास्तों की पहचान कर रहा है। कोशिश है कि बाघ आबादी वाले क्षेत्र में न आए और सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर लौट जाए। इसके लिए उसके संभावित रास्तों पर निगरानी बढ़ाई गई है।फिलहाल वन विभाग के लिए सबसे बड़ी चुनौती बाघ और ग्रामीणों के बीच किसी तरह का आमना-सामना रोकना है। ट्रैप कैमरों से मिलने वाले फुटेज और पंजों के निशानों के आधार पर विभाग आगे की रणनीति तय करेगा।

मासोड़ी इलाके में बाघ के दिखाई देने की घटना ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि दंतेवाड़ा के जंगलों से लगे क्षेत्रों में वन्यजीवों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखना जरूरी है। वन विभाग की टीम फिलहाल पूरी सतर्कता के साथ इलाके की निगरानी कर रही है।