महानदी का हरदीडीह एनीकट टूटा : पानी के तेज बहाव में बहा एक हिस्सा; समय रहते सभी गेट नहीं खोलने का आरोप, आवागमन बाधित..

रायपुर । लगातार हो रही बारिश के बीच एक बड़ी घटना सामने आई है। महानदी पर बना हरदीडीह एनीकट टूट गया है। पानी के दबाव और तेज बहाव में एनीकट का एक हिस्सा बह गया। इस एनीकट के क्षतिग्रस्त होने से इसके आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। इसके साथ ही अब किसानों के सामने सिंचाई की समस्या भी खड़ी होने की आशंका है।

अचानक बढ़ा महानदी में पानी का बहाव..

जानकारी के मुताबिक, निसदा डेम के 10 तथा समोदा डेम के 23 गेट खोले गए थे। इन डेम के गेट खोले जाने के बाद महानदी में पानी का बहाव अचानक काफी तेज हो गया और पानी तेजी से हरदीडीह एनीकट की तरफ बढ़ा।

सिर्फ 2 गेट खोले गए, इसलिए टूटा एनीकट..

इस घटना को लेकर ग्रामीणों का आरोप है कि पानी का बहाव तेज होने के बावजूद हरदीडीह एनीकट के केवल दो गेट ही खोले गए थे। सभी गेट नहीं खोलने से एनीकट पर पानी का दबाव अत्यधिक बढ़ गया। दबाव इतना ज्यादा था कि तेज बहाव में एनीकट का एक हिस्सा टूटकर बह गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन एनीकट के सभी गेट खोल देता, तो संभवतः यह नुकसान टाला जा सकता था।

किसानों की चिंता बढ़ी, रास्ता भी हुआ बंद..

घटना के बाद क्षेत्र के लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों का रास्ता बंद हो गया है। साथ ही यह एनीकट आसपास के किसानों के लिए सिंचाई का प्रमुख साधन है। इसके क्षतिग्रस्त होने से कृषि कार्य भी प्रभावित होने की आशंका है। किसानों को खेती के लिए पानी की चिंता सताने लगी है।

लापरवाही की जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग..

समोदा नगर पंचायत के अध्यक्ष छोटेलाल सोनकर ने घटना को गंभीर बताया है। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा है।

फिलहाल प्रशासन की ओर से मौके पर एनीकट को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। वहीं ग्रामीणों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन आवागमन बहाल करने और सिंचाई व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए कितनी जल्द कदम उठाता है।