200 करोड़ के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल पर सियासी संग्राम : कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा का पलटवार, कहा- अपनी नाकामी छिपाने के लिए भ्रम फैला रही कांग्रेस..

भाजपा का दावा – अब रोज पहुंच रहे 120 से 140 मरीज, विशेषज्ञ सेवाओं का लगातार हो रहा विस्तार..

कांग्रेस पर पलटवार – पांच साल तक शुरू नहीं कर सकी अस्पताल, अब उठा रही सवाल..

बिलासपुर। जूदेव स्मृति सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल को लेकर बिलासपुर की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। अस्पताल की व्यवस्थाओं और संचालन को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों के बाद भारतीय जनता पार्टी ने तीखा जवाब देते हुए कांग्रेस पर जनता को गुमराह करने और अपने कार्यकाल की विफलताओं को छिपाने का आरोप लगाया है। अस्पताल के मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

भाजपा ग्रामीण जिलाध्यक्ष मोहित जायसवाल ने कहा कि करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित जूदेव स्मृति सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल को भाजपा सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2014-15 में स्वीकृति मिली थी और वर्ष 2018 में इसका निर्माण कार्य पूरा हो गया था। इसके बावजूद कांग्रेस सरकार अपने पूरे कार्यकाल में अस्पताल को व्यवस्थित रूप से शुरू नहीं कर सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन के दौरान अस्पताल में स्थापित किए जाने वाले अत्याधुनिक उपकरणों के डिब्बे तक नहीं खोले गए, जिसके कारण मशीनों के रखरखाव का अनुबंध समाप्त हो गया और जनता वर्षों तक आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रही।

भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस आज अस्पताल को लेकर सवाल उठा रही है, जबकि जनता यह जानना चाहती है कि पांच वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस सरकार अस्पताल को शुरू क्यों नहीं कर पाई। उनका कहना है कि कांग्रेस अपनी प्रशासनिक विफलताओं की जवाबदेही लेने के बजाय भाजपा सरकार पर आरोप लगाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है।

जिला प्रवक्ता प्रणव शर्मा समदरिया ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के कुछ नेताओं ने अस्पताल का श्रेय लेने के लिए बड़े-बड़े होर्डिंग लगाए थे, लेकिन जब अस्पताल को शुरू करने की जिम्मेदारी थी तब कोई ठोस पहल नहीं की गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले अपने शासनकाल का हिसाब दे, उसके बाद भाजपा पर सवाल उठाए।

वहीं बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने लंबे समय से बंद पड़े इस अस्पताल को जनता के लिए शुरू करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की प्रक्रिया लगातार जारी है। देशभर में सुपर स्पेशलिटी सेवाओं से जुड़े अनुभवी चिकित्सकों की कमी के बावजूद सरकार विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए गंभीर प्रयास कर रही है।

भाजपा नेताओं के अनुसार प्रदेश में पुनः भाजपा सरकार बनने के बाद 29 अक्टूबर 2024 से अस्पताल का संचालन प्रारंभ किया गया। वर्तमान में अस्पताल में आवश्यक मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध है तथा जिन अतिरिक्त उपकरणों की जरूरत है, उनके लिए शासन को प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं।

भाजपा का दावा है कि अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पहले जहां प्रतिदिन 10 से 20 मरीज उपचार के लिए पहुंचते थे, वहीं अब रोजाना लगभग 120 से 140 मरीज अस्पताल की सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। अस्पताल में लिथोट्रिप्सी तकनीक के माध्यम से बिना चीर-फाड़ पथरी का उपचार किया जा रहा है। अब तक दर्जनों मरीजों का सफल इलाज किया जा चुका है। इसके अलावा न्यूरोलॉजी, यूरोलॉजी, स्पाइन सर्जरी तथा अन्य जटिल शल्य चिकित्सा सेवाएं भी नियमित रूप से संचालित की जा रही हैं।

भाजपा नेताओं ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र मरीजों को निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।अस्पताल में वर्तमान में कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, यूरोलॉजी, एनेस्थीसिया, मेडिसिन, लैब मेडिसिन, डायलिसिस और रेडियो डायग्नोस्टिक जैसी विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं संचालित हैं।

जूदेव स्मृति सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल को लेकर छिड़ी सियासी बहस फिलहाल थमती नजर नहीं आ रही है। एक ओर कांग्रेस अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों और सुविधाओं को लेकर सवाल उठा रही है, वहीं भाजपा अस्पताल के संचालन और बढ़ती मरीज संख्या को अपनी उपलब्धि बताते हुए कांग्रेस के कार्यकाल को कटघरे में खड़ा कर रही है। ऐसे में यह मुद्दा आने वाले दिनों में भी बिलासपुर की राजनीति का प्रमुख विषय बना रह सकता है।