प्रदेशभर से पहुंचे करीब 5 हजार सराफा व्यापारी, व्यापार, कानून, हॉलमार्किंग और जीएसटी पर हुआ व्यापक मंथन..

बिलासपुर, 28 जून। छत्तीसगढ़ के सराफा कारोबारियों का सबसे बड़ा महासम्मेलन रविवार को बिलासपुर के मंगला चौक स्थित रामदेव लॉन में भव्य रूप से आयोजित हुआ।छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन द्वारा आयोजित इस महासम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लगभग पांच हजार सराफा व्यापारियों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में व्यापार से जुड़े वर्तमान चुनौतियों, सुरक्षा, कानून व्यवस्था, हॉलमार्किंग, जीएसटी, तकनीकी बदलाव और संगठन की मजबूती जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

कार्यक्रम में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, तखतपुर विधायक धरमजीत सिंह, बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, पूर्व मंत्री कृष्णमूर्ति बांधी, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और सराफा व्यापार जगत के प्रमुख लोग उपस्थित रहे। दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
बाइट – कमल सोनी प्रदेश अध्यक्ष सराफा एसोसिएशन छ.ग.
सम्मेलन के प्रथम सत्र में छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने सराफा व्यापारियों की प्रमुख मांगों और समस्याओं को सरकार के समक्ष रखा। उन्होंने बिलासपुर में जेम्स एंड ज्वैलरी पार्क की स्थापना, प्रदेश में स्वर्ण कला बोर्ड के गठन तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 317 में आवश्यक संशोधन की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि सराफा उद्योग रोजगार, राजस्व और आर्थिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र है, इसलिए इसके विकास और संरक्षण के लिए सरकार को विशेष पहल करनी चाहिए।
बाइट – उप मुख्यमंत्री अरुण साव छ.ग. शासन
मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि बिलासपुर में जेम्स एंड ज्वैलरी पार्क की स्थापना को लेकर नगर निगम और संबंधित विभागों से जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वर्ण कला बोर्ड के गठन की मांग भी महत्वपूर्ण है और सरकार इस विषय पर गंभीरता से विचार करेगी।
बाइट – उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा छ.ग. शासन
वहीं उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने व्यापारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सराफा कारोबारियों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सराफा व्यापारियों से जुड़ी आपराधिक घटनाओं में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर अपराधियों को गिरफ्तार किया है और आगे भी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाएगा। उन्होंने बढ़ते साइबर अपराधों को चुनौती बताते हुए कहा कि डिजिटल लेनदेन आज देश की आर्थिक ताकत बन चुका है और सरकार साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार काम कर रही है।
हॉलमार्किंग,जीएसटी और कानूनी प्रक्रियाओं पर विशेषज्ञों ने दी जानकारी..
दोपहर बाद आयोजित दूसरे सत्र में व्यापारियों के लिए विशेष कार्यशालाओं और मार्गदर्शन कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान हॉलमार्किंग, गुणवत्ता मानकों, व्यापारिक सुरक्षा, कानूनी प्रक्रियाओं और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों पर विशेषज्ञों ने विस्तृत जानकारी दी।

भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) तथा जीएसटी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने व्यापारियों को नवीन नियमों, कर प्रावधानों, अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं और हॉलमार्किंग की अनिवार्यताओं के बारे में जागरूक किया। खुला मंच चर्चा के दौरान व्यापारियों ने अपनी समस्याएं और सुझाव अधिकारियों के समक्ष रखे, जिन पर मौके पर ही मार्गदर्शन और समाधान प्रदान किया गया।
संगठनात्मक मजबूती पर भी हुआ विचार-विमर्श..
महासम्मेलन में संगठन के नए संविधान के अनुरूप सदस्यता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एकमुश्त सदस्यता शुल्क संबंधी प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। प्रदेशभर से आए प्रतिनिधियों ने संगठन को मजबूत और अधिक सक्रिय बनाने के लिए अपने सुझाव दिए। कार्यक्रम के समापन अवसर पर संगठन के सक्रिय पदाधिकारियों और सदस्यों का सम्मान किया गया। आभार प्रदर्शन के साथ सम्मेलन का समापन हुआ।


सराफा व्यापारियों का मानना है कि यह महासम्मेलन केवल समस्याओं को उठाने का मंच नहीं रहा, बल्कि व्यापार के भविष्य, नई संभावनाओं, तकनीकी बदलावों और संगठनात्मक एकता को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित हुआ। प्रदेशभर से आए व्यापारियों की बड़ी भागीदारी ने यह संदेश दिया कि सराफा व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए व्यापारी और सरकार मिलकर काम करने को तैयार हैं।









