खेत में काम कर रहे ग्रामीण पर वन्यप्राणी का हमला, हाथ-पैर और चेहरे पर पंजों के निशान..

छह गांवों में मुनादी, जंगल की ओर अकेले नहीं जाने की अपील; वन विभाग की संयुक्त टीमों ने संभाला मोर्चा..

बिलासपुर। कोटा क्षेत्र के जंगल से लगे ग्राम दवनपुर में शनिवार सुबह खेत में काम कर रहे एक कृषक के घायल होने की घटना के बाद वन विभाग और अन्य संबंधित अमला सतर्क हो गया है। घटना सुबह करीब 7 बजे छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के कक्ष क्रमांक 169 आरएफ से लगे दवनपुर के क्षेत्र में हुई। खेत में खाद डाल रहे कृषक संजू मरकाम के ऊपर एक वन्यप्राणी की हमला करने के कारण घायल हो गया है। घायल कृषक के हाथ, पैर और चेहरे पर मामूली खरोंचें आई हैं। ग्रामीणों के अनुसार मौके पर दिखाई दिए वन्यप्राणी को बाघ जैसा बताया जा रहा है।

घटना की सूचना मिलते ही एटीआर, वन विभाग और वन विकास निगम की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। घायल कृषक को प्राथमिक उपचार दिया गया और बेहतर इलाज के लिए गनियारी अस्पताल ले जाया गया। एटीआर प्रशासन की ओर से इलाज के लिए घायल के परिवार को तत्काल सहायता राशि भी उपलब्ध कराई गई है। नियमानुसार प्रकरण तैयार कर आगे मुआवजा राशि प्रदान करने की प्रक्रिया की जाएगी।

छह गांवों में मुनादी कर ग्रामीणों को किया सतर्क..

घटना के बाद आसपास के पीपरखूंटी, परसदा, दवनपुर, मानपुर, औरापानी और शिवतराई गांवों में मुनादी कराई जा रही है। ग्रामीणों से जंगल की ओर अकेले नहीं जाने और सावधानी बरतने की अपील की गई है।

वन विभाग ने लोगों से कहा है कि जंगल या खेतों के आसपास किसी वन्यप्राणी की मौजूदगी दिखाई देने पर उसके करीब जाने या भीड़ लगाने की कोशिश न करें। ऐसी स्थिति में तत्काल वन विभाग को सूचना दें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।

वन विभाग के संयुक्त टीमों की लगातार निगरानी..

घटना के बाद क्षेत्र में एसटीपीएफ, एटीआर प्रशासन, बिलासपुर वनमंडल और वन विकास निगम की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। संबंधित अमला क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है और ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

वन विभाग के अनुसार घटना में किस वन्यप्राणी की भूमिका थी, इसकी स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। मामले की जानकारी जुटाई जा रही है और वन्यप्राणी की पहचान की पुष्टि के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।