डिजिटल बैंकिंग 24 घंटे, फिर कर्मचारियों के लिए पांच दिन की बैंकिंग क्यों नहीं? 600 बैंककर्मी सड़कों पर उतरे.. देखें वीडियो..

UFBU के आह्वान पर बिलासपुर में एक दिवसीय बैंक हड़ताल, कई बैंकों में नहीं खुले ताले; Five Day Banking और समान PLI की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन..

बिलासपुर, 11 सितंबर 2026। डिजिटल बैंकिंग के दौर में जहां ग्राहक मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई, एटीएम और इंटरनेट बैंकिंग के जरिए सप्ताह के सातों दिन बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं, वहीं बैंक कर्मचारी और अधिकारी पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर शुक्रवार को बिलासपुर में एक दिवसीय बैंक हड़ताल रही। हड़ताल के कारण कई बैंकों के ताले नहीं खुले और बैंकिंग कामकाज प्रभावित रहा।

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व्यापार विहार स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के सामने बैंक कर्मचारी-अधिकारियों ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। एआईपीएनबीओए बिलासपुर मंडल के सचिव गजानन राठौड़ के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों से विभिन्न बैंकों के करीब 600 कर्मचारी और अधिकारी शामिल हुए। महिला बैंककर्मी और महिला अधिकारी भी बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल रहीं।

पांच दिन बैंकिंग, दो दिन अवकाश की मांग..

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग बैंकों में सोमवार से शुक्रवार तक पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल से बैंकिंग सेवाएं अब चौबीसों घंटे उपलब्ध हैं। ग्राहक यूपीआई, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और एटीएम जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल सप्ताह के सातों दिन कर रहे हैं। ऐसे में बैंक कर्मचारियों को भी शनिवार और रविवार का नियमित अवकाश दिया जाना चाहिए।

वक्ताओं ने कहा कि बैंक कर्मचारियों पर व्यवसायिक लक्ष्य, ग्राहक सेवा, ऋण वितरण, रिकवरी, डिजिटल बैंकिंग, सरकारी योजनाओं और अनुपालन से जुड़े काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था से कर्मचारियों को बेहतर कार्य-जीवन संतुलन मिलेगा और इससे उनकी कार्यक्षमता तथा ग्राहक सेवा पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।

समान PLI की भी उठी मांग..

हड़ताल के दौरान बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए समान एवं न्यायसंगत परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) लागू करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बैंक की व्यवसायिक वृद्धि से लेकर ग्राहक सेवा, ऋण वितरण, रिकवरी और डिजिटल बैंकिंग तक कर्मचारी और अधिकारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए उनके योगदान को ध्यान में रखते हुए PLI की व्यवस्था समान और न्यायसंगत होनी चाहिए।

विभिन्न बैंक यूनियनों के पदाधिकारी हुए शामिल..

प्रदर्शन में AIBOC के दिलीप सिन्हा, कुमुद शुक्ला, दामोदर हेम्ब्रम, गजानन राठौड़, राजेंद्र साहू, सौरभ त्रिपाठी और ओमी वर्मा सहित विभिन्न पदाधिकारी मौजूद रहे। UFBU की ओर से दीपक साहू और पंकज कुमार पांडेय सहित विभिन्न बैंक यूनियनों के प्रतिनिधियों और सदस्यों ने प्रदर्शन में भाग लिया।

सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी-कर्मचारी और विभिन्न कर्मचारी संगठनों के वरिष्ठ नेता भी प्रदर्शन में पहुंचे। SBIOA के वरिष्ठ नेता अख्तर हुसैन ने बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की एकजुटता की सराहना करते हुए लंबित मांगों के लिए संघर्ष को मजबूती से आगे बढ़ाने का आह्वान किया। LIC कर्मचारी संगठन के नेता शर्मा तथा UCO Bank के गोयल सहित अन्य कर्मचारी संगठनों के नेताओं ने भी आंदोलन को समर्थन दिया।

नारों से गूंजा व्यापार विहार..

प्रदर्शन के दौरान बैंककर्मियों ने ‘Five Day Banking लागू करो’, ‘समान PLI लागू करो’, ‘शनिवार-रविवार अवकाश दो’, ‘UFBU जिंदाबाद’ और ‘बैंकिंग एकता जिंदाबाद’ जैसे नारे लगाए। बड़ी संख्या में कर्मचारियों की मौजूदगी से व्यापार विहार क्षेत्र में माहौल आंदोलनमय रहा।

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बैंक कर्मचारी संगठनों ने कहा कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं। प्रदर्शन के अंत में कर्मचारियों और अधिकारियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग, समान PLI सहित अन्य मांगों को लेकर संघर्ष आगे भी जारी रखने का संकल्प लिया।