

बिलासपुर। वन विभाग के बिलासपुर वनमंडल में विभागीय विवाद का मामला सामने आया है, जहां एक वनरक्षक ने अपने ही वरिष्ठ वनपाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वनरक्षक ने इस संबंध में वनमंडलाधिकारी (DFO) को लिखित शिकायत सौंपते हुए कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत के अनुसार, 14 अप्रैल 2026 की शाम वनपाल लोकमणी त्रिपाठी ने वनरक्षक को फोन कर कथित रूप से गाली-गलौज की और धमकी दी। बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान पहले एसडीओ के निवास से जुड़े एक मुद्दे पर विवाद शुरू हुआ, जो बाद में बढ़ता चला गया। वनरक्षक का आरोप है कि इस दौरान वनपाल ने अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल करते हुए उन्हें नौकरी से निकलवाने तक की धमकी दी।
मामले की एक वजह हाल ही में हुई बीट जांच को भी बताया जा रहा है। वनरक्षक का कहना है कि जांच से जुड़े सभी बिंदुओं का दोष उन पर डाला जा रहा था, जिसे लेकर दोनों के बीच पहले से ही तनाव था। इसी मुद्दे पर फोन पर हुई बातचीत के दौरान विवाद और अधिक बढ़ गया।
वनरक्षक ने यह भी आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान उनके परिवार, विशेष रूप से उनकी मां के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया, जिससे वे मानसिक रूप से आहत हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि वे अधिकतर समय ड्यूटी के चलते जंगल क्षेत्र में रहते हैं, जबकि घर पर उनकी बुजुर्ग मां और छोटा बच्चा रहता है। ऐसे में उन्हें अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता है।
शिकायत में वनरक्षक ने आशंका जताई है कि यदि उनके या उनके परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित वनपाल की होगी। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, उन्होंने दावा किया है कि फोन कॉल की रिकॉर्डिंग उनके पास मौजूद है, जिसे साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।
इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएफओ बिलासपुर ने जांच के लिए एक टीम गठित कर दी है। शिकायत सामने आने के बाद वन विभाग में आंतरिक विवादों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच के बाद संबंधित वनपाल पर क्या कार्रवाई की जाती है।



