आवारा मवेशियों को लेकर विवाद में खूनी बवाल, लाठी-डंडों से हमला ; इलाज के दौरान एक ग्रामीण की मौत..

फसल की रखवाली कर रहे चार ग्रामीणों को रास्ते में घेरकर पीटा, मस्तूरी पुलिस और ACCU ने 7 आरोपियों को दबोचा; एक फरार..

बिलासपुर। मस्तूरी थाना क्षेत्र के ग्राम रलिया में आवारा मवेशियों को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया। धान की फसल को नुकसान पहुंचा रहे मवेशियों को सड़क किनारे छोड़कर लौट रहे ग्राम लिमतरा के चार ग्रामीणों को कथित तौर पर रलिया के कुछ लोगों ने रास्ते में घेर लिया और लाठी-डंडों तथा हाथ-मुक्कों से जमकर मारपीट की। हमले में चार ग्रामीण घायल हुए, जिनमें गंभीर रूप से घायल जीवन मेहर की सिम्स अस्पताल बिलासपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार बताया जा रहा है।

फसल बचाने मवेशियों को सड़क किनारे छोड़कर लौट रहे थे ग्रामीण..

पुलिस के मुताबिक घटना 20 अगस्त की रात की है। ग्राम लिमतरा के ग्रामीण अपनी धान की फसल की रखवाली कर रहे थे। खेतों में घुसकर फसल को नुकसान पहुंचा रहे करीब 15 से 20 आवारा मवेशियों को ग्रामीणों ने भगाया और उन्हें ग्राम रलिया की ओर भारतमाला सड़क के किनारे छोड़कर वापस लौटने लगे। रात करीब 8:30 बजे जब वे रलिया भारतमाला रोड स्थित पुल के पास पहुंचे, तभी कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया।

आरोप है कि आरोपियों ने ग्रामीणों पर मवेशियों को अपनी तरफ लाने का आरोप लगाते हुए विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते गाली-गलौज और धमकी के बाद मामला मारपीट तक पहुंच गया। आरोपियों ने कथित रूप से एकजुट होकर लाठी-डंडों और हाथ-मुक्कों से ग्रामीणों पर हमला कर दिया।

एक की मौत, तीन घायल..

हमले में उमेश बरगाह, मुंडूल केंवट और जीवन मेहर समेत चार ग्रामीण घायल हुए। गंभीर रूप से घायल मुंडूल केंवट और जीवन मेहर को तत्काल उपचार के लिए सिम्स अस्पताल बिलासपुर ले जाया गया। यहां इलाज के दौरान जीवन मेहर ने दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।

सात आरोपी गिरफ्तार, एक की तलाश जारी..

घटना के बाद उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह और एसडीओपी मस्तूरी सुदीप सरकार के मार्गदर्शन में मस्तूरी थाना पुलिस और ACCU बिलासपुर की संयुक्त टीम गठित की गई।

टीम ने कार्रवाई करते हुए ग्राम रलिया निवासी गजानंद पटेल, अजय चंद्राकर, अश्विनी पटेल, आलोक सिदार, कोमल चंद्राकर, लोमस चंद्राकर और घनश्याम चौहान उर्फ गोलू को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल लाठी-डंडे व अन्य सामान भी जब्त किए हैं। मामले में एक अन्य आरोपी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।

गंभीर धाराओं में मामला दर्ज..

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 351(3), 115(2), 191(2), 103(2) और 112 के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू की है। पुलिस के अनुसार घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

मवेशियों को लेकर बढ़ा विवाद बना जानलेवा..

ग्रामीण इलाकों में आवारा मवेशियों के कारण फसल नुकसान को लेकर होने वाले विवाद किस तरह गंभीर रूप ले सकते हैं, रलिया की यह घटना इसका उदाहरण है। फसल की सुरक्षा के लिए मवेशियों को भगाने से शुरू हुआ विवाद एक ग्रामीण की जान जाने तक पहुंच गया। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि विवाद की शुरुआत कैसे हुई और मारपीट में किन-किन लोगों की भूमिका रही।