
अमरकंटक चौक पर मंच लगाकर भीड़ जुटाने और यातायात प्रभावित करने का आरोप, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आई पुलिस..

बिलासपुर। जन्मदिन का जश्न मनाने के लिए सार्वजनिक सड़क पर मंच लगाना और भीड़ जुटाना भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष सिद्धार्थ दुबे उर्फ सिद्धू समेत कई लोगों को भारी पड़ गया। गौरेला पुलिस ने इस मामले में भाजयुमो जिलाध्यक्ष सिद्धार्थ दुबे, मौसम ताम्रकार, रितुराज अग्रवाल समेत अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि सार्वजनिक मार्ग पर आयोजित इस समारोह के कारण आम लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले को संज्ञान में लिया और कार्रवाई शुरू की।
देर रात अमरकंटक चौक पर आयोजित हुआ था समारोह..
पुलिस के मुताबिक, 18 सितंबर की देर रात अमरकंटक रोड स्थित अमरकंटक चौक पर जन्मदिन समारोह आयोजित किया गया था। इस दौरान सड़क पर मंच लगाया गया और बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए। समारोह के दौरान जश्न मनाए जाने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसके बाद आयोजन को लेकर सवाल उठने लगे।
देखें वॉयरल वीडियो..
पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक मार्ग पर इस तरह आयोजन किए जाने से यातायात और आम नागरिकों की आवाजाही प्रभावित हुई। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने वायरल वीडियो और अन्य तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की।
वायरल वीडियो के बाद दर्ज हुआ मामला..
गौरेला पुलिस ने इस मामले में अपराध क्रमांक 0414/26 दर्ज किया है। भाजयुमो जिलाध्यक्ष सिद्धार्थ दुबे उर्फ सिद्धू, मौसम ताम्रकार, रितुराज अग्रवाल समेत अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 285 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
देखें वॉयरल वीडियो..
फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो और आयोजन से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एफआईआर दर्ज होने के बाद अब इस मामले में पुलिस की जांच और उसके निष्कर्षों पर नजर रहेगी।
सार्वजनिक सड़क पर निजी आयोजन को लेकर उठे सवाल..
इस घटना ने सार्वजनिक सड़कों और चौक-चौराहों पर निजी समारोह आयोजित करने को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़कें आम नागरिकों की आवाजाही के लिए होती हैं। ऐसे में यदि किसी निजी कार्यक्रम के कारण यातायात प्रभावित होता है, तो इससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
सवाल यह भी है कि अमरकंटक चौक जैसे सार्वजनिक स्थान पर मंच लगाने और भीड़ जुटाने के लिए संबंधित अनुमति ली गई थी या नहीं? यदि अनुमति ली गई थी, तो आयोजन की शर्तों का पालन हुआ या नहीं? और यदि अनुमति नहीं ली गई थी, तो सार्वजनिक मार्ग पर इस तरह का आयोजन कैसे हुआ? इन बिंदुओं पर स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
रसूख से परे नियमों के पालन की चुनौती..
राजनीतिक और सामाजिक आयोजनों में अक्सर बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं। ऐसे आयोजनों के दौरान यातायात व्यवस्था और आम नागरिकों की सुविधा का ध्यान रखना जरूरी होता है। सार्वजनिक मार्ग पर किसी भी आयोजन से लोगों की आवाजाही प्रभावित होने की स्थिति में संबंधित नियमों के पालन का सवाल महत्वपूर्ण हो जाता है।


इस मामले में भाजयुमो जिलाध्यक्ष समेत अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस जांच में आयोजन की अनुमति, यातायात पर पड़े प्रभाव और संबंधित लोगों की भूमिका को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं।


फिलहाल गौरेला पुलिस मामले की जांच में जुटी है। आरोपों की पुष्टि और संबंधित व्यक्तियों की जिम्मेदारी जांच के निष्कर्षों तथा कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही तय होगी।







