सवालों के जरिए बच्चों ने सीखा वन्यजीवों को बचाने का महत्व..

अमाड़ क्षेत्र के तीन स्कूलों में वन्यप्राणी संरक्षण पर प्रश्नोत्तरी, सही जवाब देने वाले विद्यार्थियों को मिले पुरस्कार..

गरियाबंद। वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह के अवसर पर वन परिक्षेत्र उत्तर उदंती, मैनपुर के अमाड़ सर्कल में स्कूली बच्चों को वन और वन्यजीवों के संरक्षण से जोड़ने के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अमाड़ स्थित प्राथमिक शाला, माध्यमिक शाला और प्राथमिक शाला कुंभकोट में आयोजित प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। इस दौरान बच्चों से वन्यजीवों, वन संरक्षण, जैव विविधता और वन्यप्राणियों के प्राकृतिक आवास से जुड़े सवाल पूछे गए।

कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में वन्यप्राणियों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने के साथ उन्हें जंगल और जैव विविधता के महत्व से परिचित कराना रहा। प्रश्नोत्तरी के माध्यम से विद्यार्थियों से वन्यजीवों की पहचान, उनके आवास, वन संरक्षण और वन्यप्राणी संरक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों पर सवाल किए गए। बच्चों ने उत्साहपूर्वक प्रश्नों के उत्तर दिए और वन्यजीवों के बारे में अपनी जानकारी साझा की।

सही जवाब देने वालों को मिला प्रोत्साहन..

प्रश्नोत्तरी में सही उत्तर देने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार स्वरूप पेन और नोटबुक प्रदान की गई। वन विभाग की ओर से बच्चों को प्रोत्साहित करने की इस पहल का उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण के प्रति उनकी रुचि को और बढ़ाना रहा। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को यह संदेश भी दिया गया कि जंगल और वन्यजीव केवल प्रकृति का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि पर्यावरण संतुलन के लिए भी इनका संरक्षण जरूरी है।

ग्रामीणों की भी रही सहभागिता..

कार्यक्रम में ग्राम अमाड़ के ग्रामीणों ने भी सहभागिता की। वन विभाग के मैदानी अमले ने विद्यार्थियों और ग्रामीणों के साथ वन्यजीव संरक्षण को लेकर संवाद किया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्थानीय स्तर पर जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा में ग्रामीणों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

कार्यक्रम में अमाड़, जुगाड़ के सहायक परिक्षेत्र अधिकारी, अमाड़ और मातरबहाल के परिसर रक्षी, मोतीपानी सहित वन सुरक्षा से जुड़े सभी सुरक्षा श्रमिक उपस्थित रहे। वन विभाग की इस पहल से विद्यार्थियों में वन्यजीव संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने के साथ ही प्रकृति और जंगल के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया।