मानसून में जंगल में प्रवेश बना जानलेवा, चार ग्रामीण गए थे पुटू-कारील संग्रहण के लिए; वन विभाग ने ग्रामीणों से की जंगल में नहीं जाने की अपील..

बिलासपुर/लोरमी। अचानकमार टाइगर रिजर्व के प्रतिबंधित वन क्षेत्र में प्रवेश करना एक ग्रामीण युवक की जान पर भारी पड़ गया। ग्राम बांधा के चार नवयुवक सोमवार सुबह करीब 7 बजे टाइगर रिजर्व के अंदर चले गए थे। इसी दौरान आरक्षित वन कक्ष क्रमांक 98 के पहाड़ी क्षेत्र में एक युवक पर हिंसक वन्यप्राणी ने हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल धरमजीत पिता राजेन्द्र धृतलहरे (लगभग 25 वर्ष) की जंगल से बाहर गांव लाते समय मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और एसटीपीएफ की टीमें मौके के लिए रवाना हुईं।

वन विभाग के अनुसार घटना की जानकारी अचानकमार टाइगर रिजर्व के पैदल गार्ड को मिली थी। इसके बाद लोरमी परिक्षेत्र के परिसर रक्षक ने दूरभाष के माध्यम से अधिकारियों को सूचना दी। उस समय प्रशिक्षण में मौजूद लोरमी के परिक्षेत्र अधिकारी और एसटीपीएफ के परिक्षेत्र अधिकारी को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। मामले की जानकारी कलेक्टर मुंगेली और पुलिस अधीक्षक मुंगेली को भी दी गई।
पुटू-कारील संग्रहण के लिए जंगल में गए थे ग्रामीण..


बताया गया कि ग्राम बांधा के चार ग्रामीण युवक मानसून के दौरान जंगल में पुटू, कारील आदि के संग्रहण के लिए टाइगर रिजर्व के प्रतिबंधित क्षेत्र में पहुंचे थे। इसी दौरान पहाड़ी इलाके में धरमजीत पर हिंसक वन्यप्राणी ने हमला कर दिया। घटना के बाद साथ गए ग्रामीण उसे जंगल से बाहर ग्राम बांधा की ओर लेकर आए, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
15 जून से 31 अक्टूबर तक जंगल में प्रवेश पर रोक..
अचानकमार टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि 15 जून से 31 अक्टूबर तक टाइगर रिजर्व के वन क्षेत्रों में प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहता है। मानसून के दौरान वन्यप्राणियों की गतिविधियां बढ़ने के साथ जंगल का इलाका भी संवेदनशील रहता है। इसके बावजूद कई ग्रामीण पुटू, कारील और अन्य वन उपज के संग्रहण के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र में पहुंच जाते हैं। वन विभाग लगातार ऐसे लोगों को जंगल में प्रवेश नहीं करने की समझाइश दे रहा है।
गांवों में कराई गई मुनादी..
घटना के बाद वन विभाग ने आसपास के गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सावधान किया है। लोगों से अपील की गई है कि मानसून अवधि में पुटू, कारील या अन्य वन उपज के संग्रहण के लिए अचानकमार टाइगर रिजर्व के प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश न करें। एसटीपीएफ और पैदल गार्ड की टीमें भी लगातार ग्रामीणों को वन क्षेत्र से दूर रहने की समझाइश दे रही हैं।

वन विभाग ने कहा है कि टाइगर रिजर्व केवल वन्यजीवों का सुरक्षित आवास ही नहीं, बल्कि संवेदनशील वन क्षेत्र भी है। मानसून के दौरान बिना अनुमति जंगल में जाना ग्रामीणों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और अपनी सुरक्षा के लिए प्रतिबंधित वन क्षेत्रों में किसी भी स्थिति में प्रवेश न करें।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि घटना के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है तथा क्षेत्र में निगरानी और ग्रामीणों को जागरूक करने का अभियान लगातार जारी रहेगा।







