बिलासपुर। शहर में अवैध शराब बिक्री का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। इस बार शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात का एक वीडियो सामने आया है, जिसने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली और उनकी सक्रियता पर सीधे तौर पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। होटल नटराज के बाहर आधी रात को जिस तरह से शराब का खेल चलने की बात सामने आ रही है, उससे साफ है कि नियमों को ताक पर रखा जा रहा है। वायरल हो रहे इस वीडियो में आसानी से देखा जा सकता है कि देर रात बड़ी संख्या में युवक मोटरसाइकिलों पर होटल के बाहर जमा हैं।

देखें वीडियो..
प्रत्यक्षदर्शियों और सूत्रों के अनुसार यह घटना शनिवार रात के करीब 12:42 बजे की बताई जा रही है।वीडियो में 4 से 5 मोटरसाइकिलों पर पहुंचे कई युवक बाहर खड़े दिखाई देते हैं। इसी बीच परिसर के भीतर से एक युवक सफेद रंग के थैले में कुछ लेकर आता है और बाहर मौजूद लोगों को वह सौंपता नजर आता है। स्थानीय लोगों का साफ दावा है कि इस सफेद थैले में शराब की बोतलें रखी हुई थीं और निर्धारित समय सीमा खत्म होने के बाद भी यहां से शराब की बिक्री की जा रही थी।
आबकारी विभाग की भूमिका सवालो के घेरे में..
अब सबसे बड़ा सवाल देर रात हो रही इस शराब बिक्री और आबकारी विभाग की भूमिका पर उठ रहा है। शासन द्वारा शराब दुकानों और बारों के संचालन के लिए एक तय समय सीमा निर्धारित की गई है। लेकिन आधी रात के बाद कथित रूप से शराब की इस तरह आपूर्ति होने का वीडियो सामने आने से विभागीय निगरानी व्यवस्था की पोल खुल गई है। यदि वायरल वीडियो में दिख रहा यह घटनाक्रम सही है, तो यह नियमों का खुला उल्लंघन माना जाएगा।
देखें वीडियो..
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर के कई स्थानों पर देर रात शराब की अवैध बिक्री की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं। लेकिन विभाग की तरफ से कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकताएं ही पूरी होती नजर आती हैं। लोगों का सीधा आरोप है कि यदि सच में नियमित निरीक्षण और निगरानी हो, तो इस तरह की गतिविधियों पर बहुत आसानी से रोक लगाई जा सकती है।
देखें वीडियो..
वीडियो वायरल होने के बाद लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर आबकारी विभाग को इस तरह की गतिविधियों की जानकारी क्यों नहीं मिलती ? यदि देर रात शराब बेची जा रही है, तो संबंधित विभाग सख्त कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा?
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग..
फिलहाल, स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और आबकारी विभाग से इस वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि वीडियो की सत्यता की पुष्टि कर यह पता लगाया जाए कि आधी रात को शराब की बिक्री हुई या नहीं। यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित लोगों और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।


शहरवासियों का कहना है कि अवैध शराब की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण तभी संभव है, जब प्रशासन नियमित निगरानी करे और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करे।फिलहाल इस वायरल वीडियो ने शहर में शराब बिक्री व्यवस्था और विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।







