20 लाख की फिरौती के लिए कारोबारी का अपहरण, 72 घंटे में पुलिस ने छुड़ाया ; तीन राज्यों के तीन आरोपी गिरफ्तार, पिस्टल और फर्जी पुलिस वाहन बरामद..

पिस्टल दिखाकर घर से किया था अपहरण, फिरौती नहीं देने पर जान से मारने की दी थी धमकी ; पुलिस ने महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तरप्रदेश के आरोपियों को दबोचा..

मरवाही। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही थाना क्षेत्र में हुए सनसनीखेज अपहरण और फिरौती के मामले का पुलिस ने मात्र तीन दिनों के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने अपहृत गिरीश यादव को सकुशल बरामद करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

पुलिस के अनुसार 20 जून 2026 की सुबह करीब 11 बजे ग्राम उषाढ़ निवासी 41 वर्षीय गिरीश यादव का दो अज्ञात बदमाशों ने पिस्टल की नोक पर उसके घर से अपहरण कर लिया था। आरोपियों ने उसे जबरन एक बलेनो कार में बैठाकर अपने साथ ले गए। घटना के बाद गिरीश यादव की पत्नी ने मरवाही थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने अपहरण, धमकी और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

अपहरण के बाद मांगी 20 लाख की फिरौती..

घटना के बाद अपहृत गिरीश यादव के घर में छूटे मोबाइल फोन पर आरोपियों द्वारा लगातार कॉल किए जाने लगे। बदमाशों ने गिरीश यादव को सुरक्षित छोड़ने के बदले 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी और रकम नहीं देने पर उसे जान से मारने की धमकी दी। फिरौती की मांग के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी जांच तेज कर दी।

तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल ट्रैकिंग से मिली सफलता..

पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग के मार्गदर्शन और पुलिस अधीक्षक मनोज खिलारी के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में जिला साइबर सेल और मरवाही थाना की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने फिरौती के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल, टावर लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया।

तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की लोकेशन का पता लगाकर पुलिस टीमों को विभिन्न राज्यों में रवाना किया गया। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने अपहृत गिरीश यादव को सकुशल मुक्त कराया और तीन अपहरणकर्ताओं को हिरासत में लेने में सफलता हासिल की।

तीन राज्यों के आरोपी गिरफ्तार..

पुलिस ने मामले में महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तरप्रदेश के रहने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में –

पुंडलिक केंद्रे (37 वर्ष), जिला लातूर, महाराष्ट्र

चंद्रशेखर (30 वर्ष), जिला जोधपुर, राजस्थान

शेषपाल सिंह यादव (30 वर्ष), जिला फिरोजाबाद, उत्तरप्रदेश शामिल हैं।

गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब उनसे पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।

पुलिस ने हथियार और फर्जी पुलिस वाहन किया जब्त..

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक पिस्टल, छह जिंदा कारतूस, छह एंड्रॉयड मोबाइल फोन और एक स्कॉर्पियो-एन वाहन बरामद किया है। वाहन में नीली बत्ती लगी हुई थी तथा उस पर पुलिस का बोर्ड भी लगा था, जिससे आशंका जताई जा रही है कि आरोपी लोगों को झांसा देने और वारदात को अंजाम देने के लिए खुद को पुलिसकर्मी बताकर घूमते थे।

पुलिस टीम की रही अहम भूमिका..

इस पूरे ऑपरेशन में जिला साइबर सेल, मरवाही थाना, अजाक थाना, गौरेला थाना तथा सिवनी चौकी की संयुक्त टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में लगातार तीन दिनों तक चली कार्रवाई के बाद पुलिस को यह बड़ी सफलता मिली।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा किया जाएगा। इस कार्रवाई को जीपीएम जिले की पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।