

रायगढ़। रायगढ़ वन मंडल के अंतर्गत गुरुवार सुबह एक संवेदनशील और सुखद घटनाक्रम देखने को मिला, जब पानी पीने आए चीतलों के झुंड से बिछड़े एक शावक को वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुरक्षित रेस्क्यू कर उसके समूह से मिला दिया।

जानकारी के अनुसार, 11 जून 2026 की सुबह इंदिरा विहार स्थित कृषि विश्वविद्यालय परिसर के समीप बने तालाब में चीतलों का एक झुंड पानी पीने पहुंचा था। झुंड में कई वयस्क चीतलों के साथ छोटे शावक भी शामिल थे। इसी दौरान आसपास घूम रहे कुछ आवारा कुत्तों की आहट से चीतल अचानक घबरा गए और तेजी से जंगल की ओर भागने लगे।
अचानक मची भगदड़ में एक छोटा शावक अपने झुंड के साथ नहीं जा सका और पीछे छूट गया। अकेला पड़ जाने के कारण वह इधर-उधर भटकने लगा। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने शावक को संकट में देखकर मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया और तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दी।
सूचना मिलते ही क्षेत्र में गश्त कर रही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्थानीय नागरिकों के सहयोग से सावधानीपूर्वक शावक का रेस्क्यू किया। अधिकारियों ने पहले उसकी स्वास्थ्य स्थिति का परीक्षण किया और यह सुनिश्चित किया कि वह पूरी तरह सुरक्षित एवं स्वस्थ है।
देखें वीडियो..
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शावक को किसी प्रकार की चोट नहीं आई थी। आवश्यक निगरानी और देखभाल के बाद उसे उसी क्षेत्र में ले जाया गया जहां चीतलों का झुंड मौजूद था। कुछ समय की तलाश के बाद शावक को सफलतापूर्वक उसके समूह के पास छोड़ दिया गया, जहां वह अपनी मां और अन्य चीतलों के साथ सुरक्षित रूप से मिल गया।
वन विभाग ने इस दौरान सहयोग करने वाले स्थानीय नागरिकों की सराहना करते हुए कहा कि वन्यजीवों के संरक्षण में आम लोगों की जागरूकता और तत्परता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी वन्यजीव को संकट की स्थिति में देखें तो उसे स्वयं पकड़ने या परेशान करने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना दें।
इस सफल रेस्क्यू अभियान से न केवल एक मासूम वन्यजीव की जान सुरक्षित बचाई जा सकी, बल्कि वन विभाग और स्थानीय नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय का भी सकारात्मक उदाहरण सामने आया।



