

बिलासपुर। सनातन संस्कृति, सामाजिक एकता और लोक परंपराओं के संरक्षण के लिए समर्पित पाटलिपुत्र संस्कृति विकास मंच ने एक बार फिर अनुभवी नेतृत्व पर भरोसा जताया है। रविवार को बिलासपुर छठ घाट परिसर में आयोजित मंच की आमसभा एवं त्रिवार्षिक चुनाव प्रक्रिया में वरिष्ठ उद्योगपति, समाजसेवी और समाज के लोकप्रिय नेतृत्वकर्ता प्रवीण झा को सर्वसम्मति से निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया। वहीं संगठन की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने वाले सुधीर झा को पुनः सचिव पद की जिम्मेदारी सौंपी गई।

बैठक में मंच की वार्षिक गतिविधियों, आय-व्यय का लेखा-जोखा, सामाजिक कार्यक्रमों की समीक्षा तथा आगामी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके बाद नई कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया शुरू हुई, जिसमें उपस्थित सभी सदस्यों ने एक स्वर में प्रवीण झा के नाम का समर्थन किया। संगठन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता, सक्रिय नेतृत्व और समाजहित में किए गए उल्लेखनीय कार्यों को देखते हुए उन्हें निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया।
सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक एकता के मजबूत सूत्रधार..
प्रवीण झा केवल एक सफल उद्योगपति ही नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले ऐसे व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने समाज को जोड़ने और नई दिशा देने का कार्य किया है। पिछले तीन वर्षों से वे रामनवमी के अवसर पर 1008 श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम के दर्शन कराने की प्रेरणादायी पहल कर रहे हैं। इसके अलावा समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने, युवाओं को सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने तथा धार्मिक आयोजनों को व्यवस्थित स्वरूप देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
उनके पिछले कार्यकाल में पाटलिपुत्र संस्कृति विकास मंच ने कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं।छठ महापर्व के भव्य आयोजन, सामाजिक सहयोग कार्यक्रमों, सांस्कृतिक आयोजनों और समाज के जरूरतमंद लोगों की सहायता जैसे कार्यों ने मंच को नई पहचान दिलाई। समाज के लोगों का मानना है कि उनके नेतृत्व में संगठन ने केवल कार्यक्रमों का आयोजन नहीं किया, बल्कि समाज में आपसी भाईचारे और पारिवारिक भावनाओं को भी मजबूत किया।
समाज के विश्वास का सम्मान : प्रवीण झा..
निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाने के बाद प्रवीण झा ने सभी सदस्यों और पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह दायित्व उनके लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि पाटलिपुत्र संस्कृति विकास मंच समाज की सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक समरसता का मजबूत मंच है, जिसे और अधिक प्रभावी एवं व्यापक स्वरूप देने के लिए सभी के सहयोग से कार्य किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल परंपराओं का निर्वहन करना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना भी है। समाज के प्रत्येक सदस्य के सुख-दुख में सहभागी बनना, जरूरतमंदों की सहायता करना और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करना मंच की प्राथमिकता रहेगी।
छठ महापर्व को मिलेगा और भव्य स्वरूप..
प्रवीण झा ने कहा कि आने वाले वर्षों में मंच की गतिविधियों को और विस्तार दिया जाएगा। विशेष रूप से लोकआस्था के महापर्व छठ पूजा के आयोजन को और अधिक सुव्यवस्थित, भव्य और आकर्षक स्वरूप देने की दिशा में कार्य किया जाएगा। इसके साथ ही सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
21 जून को होगा शपथ ग्रहण समारोह..
नवनिर्वाचित अध्यक्ष ने बताया कि आगामी 21 जून को नई कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। इसी अवसर पर संगठन के अन्य पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों की घोषणा भी की जाएगी। समाज के लोगों को उम्मीद है कि नई टीम संगठन को नई ऊर्जा और नई दिशा प्रदान करेगी।
बड़ी संख्या में जुटे समाज के लोग..
आमसभा में समाज के वरिष्ठजनों, पदाधिकारियों और सदस्यों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। सभी ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रवीण झा के अनुभवी नेतृत्व, सामाजिक समर्पण और दूरदर्शी सोच के बल पर पाटलिपुत्र संस्कृति विकास मंच आने वाले वर्षों में सांस्कृतिक संरक्षण, सामाजिक विकास और संगठनात्मक मजबूती के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।
बैठक में धर्मेंद्र दास, गणेश गिरी, अशोक झा, अमरेंद्र कंठ, राघव झा, बीबी तिवारी, राम प्रताप सिंह, धनंजय झा, दिलीप चौधरी, हरिशंकर कुशवाहा, रौशन सिंह, पंकज सिंह, राजीव गिरी, बैद्यनाथ यादव, दिलीप श्रीवास, चंद्र किशोर प्रसाद, नागेंद्र सिंह, राहुल शर्मा, चंदन सिंह, शंकर कुंवर, मुकेश झा, रंजय सिंह, प्रमोद सिंह, जेपी सिंह, सुनील काका, रविंद्र कुशवाहा, शैलेन्द्र सिंह, कन्हैया चौधरी, पीएन लाल, हेमंत झा, भरत भूषण झा सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
समाज के लोगों ने प्रवीण झा के पुनः अध्यक्ष चुने जाने को संगठन के लिए नई ऊर्जा, नए संकल्प और उज्ज्वल भविष्य की शुरुआत बताया।



