अनपढ़ दस्तखत और किराए की भीड़ रेत के लालच में कैसे मोहरा बनीं सोनसरी की भोली भाली महिलाएं..

बिलासपुर,मस्तूरी। अगर आपको किसी बड़े प्रोजेक्ट के लिए गांव वालों का समर्थन नहीं मिल रहा है तो टेंशन मत लीजिए। आजकल जनसमर्थन भी पिज्जा बर्गर की तरह बाहर से मंगवाया जा सकता है। बस आपके पास मैनेजमेंट का तगड़ा जुगाड़ होना चाहिए। मस्तूरी के कुकुर्दीकला में रेत घाट के लिए हुई जनसुनवाई में बिल्कुल यही चमत्कार देखने को मिला है।

पर्यावरण संरक्षण मंडल ने स्थानीय लोगों की राय जानने के लिए जनसुनवाई बुलाई थी लेकिन समर्थन देने के लिए दूसरे गांव से किराए की भीड़ जुटा ली गई। इस पूरी ब्लॉकबस्टर फिल्म के डायरेक्टर की भूमिका में नजर आ रहे हैं वो सफेदपोश नेताजी जो कुछ दिन पहले प्रेस क्लब में बैठकर खुद को गंगाजल से धुला हुआ बता रहे थे।

रेत का लालच और हाईजैक हुआ लोकतंत्र..

कुकुर्दीकला में 11 हेक्टेयर क्षेत्र में 99000 घनमीटर सालाना क्षमता वाले रेत खनन के लिए 30 अप्रैल को जनसुनवाई रखी गई थी। नियम कहता है कि जिस गांव की रेत निकाली जा रही है वहां के लोगों की राय ली जाए। लेकिन यहां तो नियम कायदे ताक पर रख दिए गए।

वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि जनपद पंचायत मस्तूरी के सदस्य के प्रतिनिधि कुर्सियों पर बैठी महिलाओं को उठा उठाकर उनके हाथों में पर्चा थमा रहे हैं और जबरन समर्थन करवा रहे हैं। वाह रे सिस्टम ऐसा जबरन जनसमर्थन तो शायद ही कहीं और देखने को मिले।

इम्पोर्टेड समर्थक गांव कुकुर्दीकला का महिलाएं सोनसरी की.. देखें वॉयरल वीडियो..

इस जनसुनवाई में अधिकारियों की नाक के नीचे जो फर्जीवाड़ा हुआ वह किसी कॉमेडी शो से कम नहीं है। समर्थन का ग्राफ बढ़ाने के लिए जो महिलाएं वहां बैठी थीं वे कुकुर्दीकला की थीं ही नहीं। उन्हें पास के गांव सोनसरी से लाया गया था ताकि भीड़ भारी भरकम दिखे और दूसरों के नाम पर फर्जी हस्ताक्षर किए जा सकें।

बिना पढ़े दस्तखत करने की मशीन बनी महिलाएं.. देखें वॉयरल वीडियो..

सोनसरी से लाई गईं बुजुर्ग महिला दुकलहीन ने बड़ी मासूमियत से इस फर्जीवाड़े की हवा निकाल दी। उन्होंने बताया कि हमें एक पर्चा देकर बस साइन करने को कहा गया है हमें कुछ नहीं पता कि इसमें क्या लिखा है। वहीं दूसरी महिला शोभा यादव ने तो पूरा सिंडिकेट ही समझा दिया। उन्होंने बताया कि वे सोनसरी की महिला समूह से जुड़ी हैं और उन्हें बाकायदा यह टास्क दिया गया था कि वे महिलाओं से दस्तखत करवाकर समर्थन दिलाएं। महिला सशक्तिकरण का इससे ज्यादा क्रूर मजाक और क्या होगा कि भोली भाली महिलाओं को मोहरा बनाकर पर्यावरण का सौदा किया जा रहा है।

साफ सुथरे नेताजी का ट्रैफिक पुलिस वाला अवतार.. देखें वॉयरल वीडियो..

इस पूरी कहानी के सबसे दिलचस्प किरदार हैं भाजपा नेता चंद्र प्रकाश सूर्या। कुछ ही दिन पहले इन्होंने प्रेस वार्ता बुलाकर बड़े ही मासूम अंदाज में कहा था कि उनका इस रेत घाट से दूर दूर तक कोई लेना देना नहीं है। लेकिन वायरल वीडियो में नेताजी मौके पर डटे हुए हैं और हाथ के इशारों से ऐसे समर्थन दिलवा रहे हैं जैसे कोई ट्रैफिक पुलिस चौराहे पर गाड़ियां पास करवा रही हो। इससे पहले इन्ही नेताजी का पैसे के लेन देन का कथित वीडियो भी वायरल हुआ था। जनसुनवाई स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों में यह पूरा खेल रिकॉर्ड हुआ है।

देखें वॉयरल वीडियो..